कांग्रेस का सवाल, “उन्हें लोकतंत्र में आस्था नहीं है, तानाशाह हैं या विपक्ष से भयभीत”      

Love Jihad in Indore

भोपाल, डेस्क रिपोर्ट। मध्यप्रदेश की शिवराज सरकार (Shivraj Government ) ने लव जिहाद (love jihad) के खिलाफ तैयार किये गए  धर्म स्वातंत्र्य अधिनियम 2020 (Freedom of Religion Act 2020) को कैबिनेट बैठक (Cabinet meeting) में आज मंगलवार को मंजूरी दे दी है। अब इसे राज्यपाल आनंदीबेन पटेल (Governor Anandiben Patel) के पास भेजा गया है, यहां से अनुमति मिलते ही यह अधिनियम मध्यप्रदेश में कानून बनकर प्रभावी हो जाएगा। उधर इस अध्यादेश को लाने पर कांग्रेस ने सरकार की मंशा पर सवाल उठाये हैं।

प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता केके मिश्रा ने ट्वीट करते हुए अध्यादेश लाने पर सरकार की मंशा पर सवाल उठाये हैं।  उन्होंने सवाल किया  “क्या कारण है कि केंद्र व भाजपा शासित राज्यों में “बहुमत की सरकारें” (चाहे वह विधायक खरीदकर बनी हों)  विभिन्न कानून, संसद/विधानसभा में चर्चा न करवाकर अध्यादेश ला उसे जबरिया लागू करवा रही हैं. उन्हें लोकतंत्र में आस्था नहीं है,तानाशाह हैं या विपक्ष से भयभीत?”चोर की दाढ़ी में तिनका?”

गौरतलब है कि मध्यप्रदेश में 26 दिसंबर को कैबिनेट की बैठक हुई थी, जिसमें लव जिहाद के खिलाफ प्रस्तावित धर्म स्वातंत्र्य अधिनियम 2020 विधेयक को मंजूरी नहीं मिल पाई थी। जिसके बाद इसे विधानसभा के शीतकालीन सत्र (MP Assembly Winter Session) में लागू करने की बात कही गई थी, लेकिन कोरोना महामारी के चलते विधानसभा का शीतकालीन सत्र  स्थगित हो गया है। जिसके बाद इसे अध्यादेश के जरिए कैबिनेट में मंजूरी दी गई है। इस कानून के लागु हो जाने के बाद अब लोभ, लालच, भय, प्रलोभन देकर या कुत्सित इरादों से विवाह करना अथवा धर्मांतरण करवाना संज्ञेय अपराध है। इसमें 5 से 10 वर्ष का कारावास और एक लाख रुपये तक का अर्थदण्ड की सजा होगी।

Atul Saxena
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पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
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