कांग्रेस का CM पर पलटवार,फैसला आपको ही करना है तो कोर्ट में ताले लगवा दीजिये

शिवराज सिंह चौहान

भोपाल, डेस्क रिपोर्ट। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान (CM Shivraj Singh Chauhan) के माफिया (Mafia) को 10 फीट जमीन में गाड़ दने के बयान पर कांग्रेस (Congress) ने आपत्ति जताते हुए इसे तालिबानी भाषा करार दिया है।कांग्रेस का कहना है कि यदि सजा का फैसला  मुख्यमंत्री को ही करना है तो कोर्ट में ताले लगवा दीजिये। कांग्रेस प्रवक्ता केके मिश्रा (KK Mishra) में ट्वीट कर मुख्यमंत्री के बयान पर पलटवार किया है। उन्होंने अख़बार में छपी एक खबर को ट्वीट करते हुए सवाल किया कि क्या इस हत्यारे को 10 फीट गाड़ने के लिए टेंडर हो गए?

मध्यप्रदेश कांग्रेस के प्रवक्ता केके मिश्रा ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह को सम्बोधित करते हुए  ट्वीट किया “मा.शिवराज जी,मैं किसी भी किस्म के माफिया का पक्षधर नहीं हूं,”कानून का राज्य होने के बाद 10  फीट गाड़ देने की भाषा CM  की है या शिवराज जी की”? यह भाषा तालिबानी है!फैसला आपको ही करना है तो कोर्ट में ताले लगवा दीजिए,माफिया पनपे कबसे है?वे तो घरों में ही छुपे हैं,उन्हें कौन-कब गाड़ेगा?

 कांग्रेस का सवाल, क्या टेंडर हो गया ?   

कांग्रेस प्रवक्ता केके मिश्रा ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के बयान के बाद अख़बार में छपी एक खबर को टैग करते हुए ट्वीट  किया “शिवराज जी,शुक्रवार को आप होशंगाबाद में माफियाओं को जब 10  फीट गाड़ने की बात कह रहे थे इसी जिले के पिपरिया से निर्वाचित BJP  विधायक के प्रतिनिधि अवैध रेत उत्खनन को लेकर साथियों के साथ एक किसान की हत्या कर रहे थे! इस हत्यारे को 10  फीट गाड़ने के लिए क्या गढ्डा खोदने का टेंडर हो गया है?

गौरतलब है कि शुक्रवार को मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान होशंगाबाद (Hoshangabad) के बाबई विकासखंड में आयोजित प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (PM Kisan Samman Nidhi ) कार्यक्रम में मंच से संबोधित करते हुए कहा कि आजकल अपन खतरनाक मुड़ में है, गड़बड़ करने वालों को छोड़ेंगे नहीं। पूरे फॉर्म में है मामा अभी।एक तरफ माफियाओं के खिलाफ अभियान चल रहा है। मसल पॉवर और रसूख का इस्तेमाल करके कहीं अवैध कब्जा कर लिया। कहीं भवन बना दिया, कहीं ड्रग माफिया है।सुन लो रे! मध्यप्रदेश छोड़ देना,10 फिट नीचे जमीन में गाड़ दूंगा।सुशासन का मतलब जनता परेशान न हो, गुंडे,बदमाश, फन्ने खां यह कोई नहीं चलने वाले अब।यह सुशासन (Good Governance) है।

बहरहाल माफिया पर सख्ती के बाद प्रदेश में चल रही माफिया और गुंडों पर कार्रवाई से प्रदेश में माफिया और गुंडों में हड़कंप मचा हुआ है उधर सियासी बयान युद्ध छिड़ा हुआ है।

Atul Saxena
लेखक के बारे में
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पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
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