सरकार के नए आदेश पर कांग्रेस का शिवराज पर निशाना, भ्रष्टाचारियों को सुरक्षा कवच क्यों?

सरकार के नए आदेश पर कांग्रेस का शिवराज पर निशाना, भ्रष्टाचारियों को सुरक्षा कवच क्यों?

भोपाल, डेस्क रिपोर्ट। मध्यप्रदेश में भ्रष्टाचारियों (Corrupt)  के खिलाफ मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान (CM Shivraj Singh Chauhan) के कड़े तेवरों के बीच सामान्य प्रशासन विभाग (Department of Grneral Administration) का एक आदेश (Order) चर्चा का विषय बना हुआ है। आदेश के मुताबिक मध्यप्रदेश में अब किसी भी शासकीय अधिकारी-कर्मचारी के खिलाफ लोकायुक्त , EOW जैसी जांच एजेंसियां सीधे प्रकरण दर्ज नहीं कर सकेंगी। वे सीधे पूछताछ भी नहीं कर सकेंगी। इसके लिए उन्हें सामान्य प्रशासन विभाग से अनुमति लेनी होगी। कांग्रेस ने राज्य शासन के इस आदेश पर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान पर तंज कसा है।

सामान्य प्रशासन विभाग के सचिव डॉ श्रीनिवास शर्मा के नाम से चार दिन पहले 26 दिसंबर को जारी इस आदेश में कहा गया है कि भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 की धारा 17A के अनुसार  किसी लोकसेवक के द्वारा शासकीय कृत्य या कर्तव्यों के निर्वहन में की गई सिफारिशों या किये गए विनिश्चय के सम्बन्ध में अपराधों की जाँच या पूछताछ या अन्वेषण किसी पुलिस अधिकारी द्वारा बिना राज्य शासन की पूर्वानुमति के नहीं किया जा सकता। प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता केके मिश्रा (KK Mishra) ने इस आदेश को लेकर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान पर निशाना साधा है।  मिश्रा ने ट्वीट (Tweet) किया-  शिवराज जी,”आजकल फारम में हैं,गड़बड़ करने वालों को छोड़ेंगे नहीं,10 फीट गाड़ देंगे”,अच्छा मज़ाक है!पर भ्रष्टाचारियों को काला कानून लाकर सुरक्षा कवच क्यों?धारा 17-A के तहत जिस विभाग के भ्रष्ट की शिकायत होगी,एजेंसी जांच की अनुमति भी उसी विभाग से लेगी?

सामान्य भाषा में यदि आदेश को समझा जाये तो मध्यप्रदेश सरकार ने में अब किसी भी अधिकारी-कर्मचारी के खिलाफ EOW और लोकायुक्त जैसी जांच एजेंसियां सीधे प्रकरण दर्ज नहीं कर सकेंगी, वे सीधे पूछताछ भी नहीं कर सकेंगी। इसके लिए उन्हें सामान्य प्रशासन विभाग से अनुमति लेनी होगी।

Atul Saxena
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पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
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