कोरोना का धमाका: उज्जैन में 23 और खंडवा में 20 नए पॉजिटिव मिले

कोरोना का धमाका: उज्जैन में 23 और खंडवा में 20 नए पॉजिटिव मिले

उज्जैन/खंडवा।
मध्यप्रदेश(madhypradesh) में कोरोना (corona) की रफ्तार धीमी होने के बजाय तेज होती जा रही है। आए दिन जिलों के हालात बिगड़ते जा रहे है और नए नए मरीज प्रशासन की मुश्किलें बढ़ा रहे है। अब उज्जैन(ujjain) में 23 नए और खंडवा(khandwa) में 20 कोरोना पॉजिटिव मिले है। इधर प्रदेश(mp) में भी आंकड़ा 4000 के करीब पहुंचने की कगार पर है। माना जा रहा है लगातार बिगड़ते हालातों को देखते हुए सरकार(shivraj sarkar) लॉक डाउन (lock down) आगे बढ़ा सकती है।

दरअसल, आज मंगलवार को उज्जैन जिले में कोरोना संक्रमण के 23 नए मामले आए। इन्हें मिलाकर अब पॉजिटिव मरीजों की संख्या 264 हो गई है। सोमवार देर रात बुलेटिन जारी किया गया। नए मरीजों में 13 बड़नगर के हैं। संक्रमण के कारण जिले में अब तक 45 लोगों की मौत हो चुकी है। वहीं 106 लोग ठीक हुए हैं।

खंडवा शहर में एक साथ 20 नए कोरोना वायरस पॉजिटिव मरीज मिले हैं। खंडवा में आज 20 रिपोर्ट कोरोना पॉजिटिव आयी हैं जो कि घासपुरा , सिंधी कॉलोनी , कहारवाड़ी, सराफा बाजार, रामकृष्ण गंज व बड़ा बम क्षेत्र के हैं। सभी को कोविड केयर वार्ड में भर्ती किया जा रहा है। डॉ योगेश शर्मा ने बताया कि सोमवार 192, रविवार 257 निगेटिव रिपोर्ट आई थीं। उल्लेखनीय है कि अब तक 1657 सेम्पल जिले में लिए *ग हैं जिसमे से 1137 रिपोर्ट निगेटिव आयी हैं। ये जिला प्रशासन द्वारा सही दिशा में उठाये गए कदमो का ही परिणाम है कि कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग कर संदिग्ध मरीजों के सैम्पल्स भेज कर परीक्षण कराया जा रहा है जिसमें ये पॉजिटिव मरीज सामने आए हैं।इसे मिलाकर जिले में पॉजिटिव मरीजों का आंकड़ा 79 पर पहुंच गया है।

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निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
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