Corona crisis: राजधानी बना कोरोना का हॉटस्पॉट, प्रदेश में संक्रमितों का आंकड़ा 256 पहुंचा

Corona crisis: राजधानी बना कोरोना का हॉटस्पॉट, प्रदेश में संक्रमितों का आंकड़ा 256 पहुंचा

भोपाल।

मध्यप्रदेश में कोरोना संक्रमण तेजी से बढ़ रहा है। सोमवार को 63 नए मामलों के साथ प्रदेश में कोरोना पॉजिटिव की संख्या बढ़कर 256 हो गई है। आश्चर्य की बात यह है कि राजधानी भोपाल में 24 घंटे के अंदर 43 नए मामले सामने आए हैं। इसी के साथ राजधानी में कोरोना पॉजिटिव की संख्या बढ़कर 61 हो गई है। वही इंदौर में सोमवार की रात तक 16 नए मामले सामने आने के बाद इंदौर में बढ़े कोरोना संक्रमण की संख्या 151 का आंकड़ा छू चुकी है। इसी के साथ बीते रात इंदौर में चार संक्रमित की मौत के बाद प्रदेश में कोरोना से मौत का आंकड़ा 18 पहुंच गया है।

दरअसल सोमवार को राजधानी से 43 नए मामले सामने आए। जिसमें सबसे ज्यादा हेल्थ डिपार्टमेंट के 32 अधिकारी- कर्मचारी शामिल है। पुलिस विभाग के भी 5 कर्मचारी इससे संक्रमित बताए जा रहे हैं। वहीं सोमवार की सुबह भोपाल में एक कोरोना संक्रमित ने दम तोड़ दिया। भोपाल में इस वायरस संक्रमण से यह पहली मौत है। वही इंदौर में बीते 24 घंटे में 16 नए मामले सामने आए हैं। साथ ही सोमवार को चार अन्य मरीजों कि इस वायरस की चपेट में आने से मौत हो गई है। जिसके बाद इंदौर में कोरोना संक्रमण से मरने वालों की संख्या 13 पहुंच गई है।

राजधानी और इंदौर के बाद अन्य जिले उज्जैन में 8, खरगोन में 4, छिंदवाड़ा में दो, मुरैना में 12, बड़वानी में 3, जबलपुर में 8, ग्वालियर में दो शिवपुरी में दो के साथ बैतूल में एक और विदिशा में एक कोरोना मरीज सामने आया है। जिसके साथ ही प्रदेश में कोविड 19 संक्रमण का आंकड़ा 256 पर है। राहत की बात यह है कि अबतक 11 लोग इस संक्रमण से स्वस्थ हो चुके हैं। वहीं 18 लोगों के इस वायरस के संक्रमण में आने से मौत हो चुकी है।

इधर कोरोना के बढ़ते मामले को लेकर प्रशासन एवं स्वास्थ्य विभाग ने भोपाल में टोटल लॉकडाउन की घोषणा की है। जो कि रविवार 12 बजे रात से लेकर अगले आदेश तक जारी रहेगी। वहीं इंदौर में टाटपट्टी बाखल के 300 मीटर के एरिया को सील कर मैपिंग की जा रही है। इसके साथ ही इंदौर प्रशासन के सख्त निर्देश है कि लॉकडाउन का उल्लंघन करने वाले को अब सीधे जेल जाना होगा।

Gaurav Sharma
लेखक के बारे में
Gaurav Sharma

निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
Follow Us :GoogleNews