भोपाल में कोरोना विस्फोट, एक साथ 45 की रिपोर्ट पॉजिटिव

भोपाल में कोरोना विस्फोट, एक साथ 45 की रिपोर्ट पॉजिटिव

भोपाल।

राजधानी में कोरोना(corona) का कहर जारी है। वही लगातार आ रहे नए मामले प्रशासन(administration) के लिए चिंता का विषय बने हुए हैं। इसी बीच बुधवार को भोपाल में एक बार फिर 45 संदिग्ध मरीजों की रिपोर्ट(report) कोरोना पॉजिटिव(corona positive) आई है। जिसके साथ ही प्रदेश में संक्रमित लोगों की संख्या बढ़कर 909 पहुंच गई है। वहीं अब तक 31 लोग कोरोना महामारी(pandemic) से मौत की चपेट में आ चुके हैं। बता दे कि जहांगीराबाद में संक्रमित मरीजों की संख्या 221 पर पहुंच गई है और 8 मामले मंगलवारा से हैं। सन्क्रमित मरीजों मे कुछ को पहले से ही आइसोलेट किया जा चुका है।

दरअसल बुधवार को राजधानी में 45 संदिग्ध मरीजों की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। इनमें जहांगीराबाद के 18 मरीज हैं। इसके अलावा तीन परिवारों के 3-3 सदस्य शामिल हैं। इसके साथ ही राजधानी(capital) में संक्रमित मरीजों की संख्या 909 हो गई है। जहांगीराबाद में कई परिवारों में चार से पांच लोग तक संक्रमित निकल चुके हैं। इसी के साथ मंगलवारा(mangalwara) राजधानी के दूसरे नंबर का सबसे संक्रमित इलाका बन गया है।

वहीँ इससे पहले मंगलवार को राजधानी में एक साथ 54 लोग की रिपोर्ट कोरोना पॉजिटिव(corona positive) आई थी। बता दें की रिपोर्ट(report) में पूर्व dgp के यहां ड्यूटी(duty) पर लगे एक कांस्टेबल(constable) की भी रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी। इसी के साथ 3 अन्य पुलिसकर्मी(police) की पॉजिटिव रिपोर्ट की पुष्टि की गयी थी। जिसके बाद राजधानी में संक्रमितों का आकड़ा 798 पहुँच गया था। वहीँ राजधानी में अबतक 33 मौतें हो चुकी थी और 489 लोग स्वस्थ होकर वापस लौट चुके थे।

Gaurav Sharma
लेखक के बारे में
Gaurav Sharma

निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
Follow Us :GoogleNews