Corona warriors: कोरोना से जंग जीते इन योद्धाओं ने किया प्लाज्मा डोनेट, पेश की मानवता की मिसाल

Corona warriors: कोरोना से जंग जीते इन योद्धाओं ने किया प्लाज्मा डोनेट, पेश की मानवता की मिसाल

भोपाल।

मध्यप्रदेश(madhya pradesh) में जारी कोरोना(corona) कहर के बीच दूसरे भगवान कहे जाने वाले स्वास्थ्यकर्मी(health workers) एवं पुलिसकर्मी अब अपने कर्तव्य निर्वहन के साथ-साथ सामाजिक कार्य एवं इंसानियत की जिम्मेदारी भी ली है। जिसको निभाने के लिए अब कोविड19(covid19) से लड़ाई जीत चुके पुलिसकर्मी बखूबी आगे आए हैं। जहां कोरोना महामारी(corona pandemic) से जंग जीतने के बाद यह पुलिसकर्मी अन्य मरीजों के इलाज के लिए अब अपना प्लाज्मा डोनेट(plasma donate) कर रहे हैं। सोमवार देर रात कोरोना की जंग जीते 10 पुलिसकर्मी ने इस महामारी से जंग लड़ रहे लोगों की जान बचाने के लिए अपना प्लाज़्मा दान किया है।

दरअसल राजधानी भोपाल में 35 से अधिक पुलिसकर्मी लगातार अपनी सेवा देने के बाद कोरोना पॉजिटिव(corona positive) पाए गए थे। जिसके बाद उन सभी को चिरायु अस्पताल(chirayu hospital) में इलाज के लिए भर्ती कराया गया था। उचित इलाज एवं अपने मनोबल की वजह से इन जवानों ने कोरोना से लड़ाई जीत ली है। जिसके बाद अभी वापस से अपनी ड्यूटी(duty) निभाने के लिए तैयार है। वही इन जवानों ने प्लाज्मा थेरेपी(plasma therapy) से संक्रमित मरीजों के इलाज में मदद के लिए अपने प्लाज्मा दान करने की बात कही। जिसके बाद मानवता की मिसाल पेश करते हुए इन 10 कोरोना वारियर्स(corona warriors) ने भोपाल के ही चिरायु अस्पताल में अपना प्लाज्मा डोनेट किया। प्लाज्मा डोनेट करने वालों में भोपाल के जहांगीराबाद थाना के सब इंस्पेक्टर गिरीश त्रिपाठी, आरक्षक धर्मेंद्र बघेल, सादिक खान, एहसान खान मुकेश सिंह सहित 5 पुलिस जवान शामिल थे। इन पुलिसकर्मियों का कहना है कि भगवान ने जैसे उनकी जान बचाई है वह भी अपना प्लाज्मा दान कर अन्य की जिंदगी बचाने का प्रयास कर रहें हैं।

बता दें कि राजधानी भोपाल मैं सबसे ज्यादा संक्रमण जहांगीराबाद और ऐशबाग में फैला था। जिसके बाद वहां ड्यूटी देते वक्त करीब 35 से अधिक पुलिसकर्मी कोरोना के संपर्क में आ गए थे। पुलिस कर्मियों को यह संक्रमण जमातियों के काउंटिंग के दौरान फैला था। जिसके बाद इन्हें क्वॉरेंटाइन कर भोपाल के चिरायु अस्पताल में उनका इलाज किया जा रहा था। हालांकि अभी यह पुलिसकर्मी बिल्कुल स्वस्थ हैं और वापस से अपनी ड्यूटी ज्वाइन करने को तैयार है।

Gaurav Sharma
लेखक के बारे में
Gaurav Sharma

निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
Follow Us :GoogleNews