Coronavirus: भोपाल में कोरोना का तांडव जारी, फिर 190 की रिपोर्ट पॉजिटिव

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3D illustration of Coronavirus, virus which causes SARS and MERS, Middle East Respiratory Syndrome

भोपाल, डेस्क रिपोर्ट।मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल (Bhopal) में कोरोना संक्रमण (Corona Infection) तेजी से बढ़ रहा है। अगर संक्रमण की रफ्तार में कमी नहीं हुई तो भोपाल प्रदेश का सबसे ज्यादा संक्रमितों वाला शहर बन जाएगा। फिलहाल इंदौर (Indore) में सबसे ज्यादा संक्रमित मरीज है। इधर शहर में शनिवार को कोरोना फिर से एक बड़ा ब्लास्ट हुआ है। आज भोपाल में कोरोना के 190 नए पॉजिटिव मरीज मिले। भोपाल में अब संक्रमण का आंकड़ा 10 हज़ार के पार पहुंच गया है अब यहां कोरोना का कुल आंकड़ा 10146 हो गया है। अब तक 8170 लोगो कोरोना को मात देकर अस्पताल से डिस्चार्ज हो चुके है। भोपाल में अब 1450 के करीब एक्टिव केस बचे है। वहीं अब तक 269 लोग कोरोना से अपनी जान गवां चुके है।

यहां मिले मरीज
74 बंगलो से तीन संक्रमित मरीज मिले। पिपलानी थाने से 1 जवान की रिपोर्ट पॉजिटिव आई। क्राइम ब्रांच थाने से एक जवान की रिपोर्ट पॉजिटिव आई। 25 वीं बटालियन से 5 जवान संक्रमित निकले। Eme सेंटर से 1 व्यक्ति की रिपोर्ट पॉजिटिव आई। एसएससी मिलिट्री कैंपस से 2 लोग संक्रमित निकले। जीएमसी से तीन डॉक्टरों की रिपोर्ट पॉजिटिव आई। जेपी अस्पताल से एक डॉक्टर की रिपोर्ट पॉजिटिव आई। जिला जेल से दो कैदी कोरोना संक्रमित निकले। समरधा टोला से 5 लोग कोरोना संक्रमित निकले। अमराई बागसेवनिया से एक ही परिवार के तीन लोग संक्रमित निकले। ग्राम रातीबड़ से 1 व्यक्ति संक्रमित निकला। रेडियो कालोनी से 1 व्यक्ति की रिपोर्ट पॉजिटिव आई। कृष्णानगर श्यामला हिल्स से एक ही परिवार के 4 लोगों की रिपोर्ट पॉजिटिव आई। वेटनरी हॉस्पिटल कॉलोनी से 1 व्यक्ति संक्रमित निकला। कैपीटल माल विलेज से 1व्यक्ति पॉजिटिव निकला है।

बंदियों से 31 अक्टूबर तक नहीं मिल सकेंगे परिजन
जेल में बंदी एवं उनके परिजनों में नोवल कोरोना वायरस के संक्रमण को रोकने की दृष्टि से बंदियों की परिजनों से मुलाकात पर लगाए गए प्रतिबंध को 31 अक्टूबर तक बढ़ाया गया है। इस संबंध में सभी जेल अधीक्षकों को निर्देश जारी कर दिए गए हैं।

Pooja Khodani
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12 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय, इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया में.

खबर वह होती है जिसे कोई दबाना चाहता है। बाकी सब विज्ञापन है। मकसद तय करना दम की बात है। मायने यह रखता है कि हम क्या छापते हैं और क्या नहीं छापते। (पत्रकारिता में 12 वर्षों से सक्रिय, इलेक्ट्रानिक से लेकर डिजिटल मीडिया तक का अनुभव, सीखने की लालसा के साथ हर खबर पर पैनी नजर) View all posts by Pooja Khodani →
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