अधिकारी-कर्मचारियों की सुविधाओं में निगम प्रशासक ने की कटौती, बचेंगे इतने रूपए

अधिकारी-कर्मचारियों की सुविधाओं में निगम प्रशासक ने की कटौती, बचेंगे इतने रूपए

जबलपुर।संदीप कुमार

नगर निगम में लगातार टेक्स वसूली में गिरावट आ रही है ऐसे में अब निगम की जो आर्थिक स्थिति है वो दिन प्रतिदिन खराब होती जा रही है लिहाजा निगम प्रशासक ने अब कर्मचारियों-अधिकारियों की सुविधाओं में कटौती करने के निर्देश दिए है।निगम प्रशासक महेशचंद्र चौधरी ने बताया कि इन दिनों नगर निगम की आर्थिक स्थिति खराब चल रही है ऐसे में वित्तीय हालात को देखते हुए निगम में खर्चों में कटौती की गई है वह वाहन जिन की आवश्यकता नगर निगम में नहीं है उन वाहनों को अलग कर दिया गया है इसके अलावा इसके साथ साथ सप्लाई में भी कमी की गई है।निगम प्रशासक ने सभी वस्तुओं में कटौती करते हुए करीब 25 से 30 % बजट है वो बचाया जा रहा है उसका रिजल्ट ये निकला है कि निगम ने एक माह करीब 1 करोड़ रु की बचत की है।संभाग कमिश्नर महेशचंद्र चौधरी का कहना है कि आगे भी निगम कमिश्नर को निर्देश दिये गए है कि वो फिजूलखर्ची पर रोक लगा कर रहे।उन्होंने ये भी कहा कि अभी तक जो फिजूल में रु की बर्बादी हो रही थी उन पैसों को अब निर्माण और विकास में लगाया जाएगा जिससे कि जबलपुर शहर और अच्छा बने।

निगम प्रशासक ने इन चीजों में की है कटौती

*निगम में लगी 100 से ज्यादा निजी वाहनों को हटा दिया गया है।
*तृतीय और चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारी तक प्राइवेट वाहन का करते थे उपयोग।
*फ़िजूल की सप्लाई को किया गया पूरी तरह से बंन्द।
*निजी सुरक्षाकर्मी भी हटा दिये गए है,इन सुरक्षाकर्मियों को लाखों रुपए का किया जाता था भुगतान।
*निगम में तैनात प्राइवेट कर्मचारियों को भी अलग कर दिया गया है,इन कर्मचारियों को भी निगम वेतन के नाम पर लाखों रु देता था।
*कटौती के बाद निगम अब हर माह एक करोड़ रुपए की कर रहा है बजत।

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पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
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