कंप्यूटर बाबा से मिलने सेंट्रल जेल जाएंगे दिग्विजय सिंह

कंप्यूटर बाबा से मिलने सेंट्रल जेल जाएंगे दिग्विजय सिंह

भोपाल, डेस्क रिपोर्ट| इंदौर (Indore) में कंप्यूटर बाबा (Computer Baba) के खिलाफ प्रशासन की कार्रवाई ने राजनीतिक रूप ले लिया है| मामले को जुबानी जंग तेज हो गई है| कंप्यूटर बाबा के आश्रम पर कार्रवाई का कांग्रेस ने विरोध किया है| पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह (Digvijay Singh) ने इसे बदले की भावना से की गई कार्रवाई करार दिया है| वहीं अब खबर है कि सोमवार को दिग्विजय सिंह बाबा से मिलने सेंट्रल जेल (Indore Central Jail) जाएंगे|

दिग्विजय सिंह सोमवार को सुबह अपनी कार से इंदौर के सेंट्रल जेल के लिए रवाना होंगे। उनका दोपहर डेढ़ बजे वहां पहुंचने का कार्यक्रम है। दोपहर करीब 2 बजे कम्प्यूटर बाबा से मुलाकात करेंगे। यहां उनका करीब 4 घंटे रुकने का इंतजार है। जब दिग्विजय से इंदौर पहुंचेंगे तो जाहिर है सोमवार को प्रदेश में एक बार फिर राजनीतिक पारा उछाल मारेगा| अब देखना होगा प्रशासन उन्हें मिलने देता है या नहीं, यह बड़ा सवाल है।

दिग्विजय सिंह ने इंदौर प्रशासन की कार्रवाई को कंप्यूटर बाबा के खिलाफ बदले की कार्रवाई बताया| उन्होंने कहा कि इंदौर में बदले की भावना से कंप्यूटर बाबा का आश्रम व मंदिर बिना किसी नोटिस दिए तोड़ा जा रहा है। यह राजनैतिक प्रतिशोध की चरम सीमा है। मैं इसकी निंदा करता हूँ।

गौरतलब है कि रविवार को बाबा के गोम्मट गिरी वाले आश्रम को प्रशासन ने तोड़ दिया और बाबा को प्रिवेंटिव डिटेंशन के तहत हिरासत में लेकर जेल भेज दिया। कम्प्यूटर बाबा ने मध्य प्रदेश की 28 सीटों पर हुए उपचुनाव में शिवराज सरकार के खिलाफ लोकतंत्र बचाओ यात्रा भी निकाली थी।

Gaurav Sharma
लेखक के बारे में
Gaurav Sharma

निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
Follow Us :GoogleNews