
भोपाल, डेस्क रिपोर्ट। मध्य प्रदेश(Madhya pradesh) में 3 नवंबर को 28 सीटों पर उपचुनाव(By election) होना है। इससे पहले लगातार पार्टियों द्वारा चुनावी रैलियां की जा रही है। लेकिन चुनावी रैलियों में जिसे एक चीज की कमी देखी जा रही है। वह है पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह(Digviajy singh) का कांग्रेस(congress) की चुनावी रैलियों से अलग रहना। हालांकि अब यह मुद्दा चर्चा का विषय बन चुका है। जिसको लेकर बीजेपी(BJP) लगातार कांग्रेस(Congress) पर निशाना साध रही है। इसी बीच दिग्विजय सिंह ने एक बार फिर अपने सोशल मीडिया(Social media) के जरिए प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान(Shivraj singh chauhan) को घेरा है।
दरअसल चुनावी रैलियों के दौरान मंदसौर में शिवराज सिंह ने तब लोगों को हैरान कर दिया था। जब वह घुटने के बल बैठकर लोगों को धन्यवाद कहने लगे थे। इसके बाद से अब ये मुद्दा काफी गरमा गया है। जिस तरफ पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने भी चुटकी ली है।
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दिग्विजय सिंह ने अपने फेसबुक से एक वीडियो शेयर करते हुए कहा है कि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान का घुटने पर आने का मतलब है कि प्रदेश में कमलनाथ सरकार की वापसी हो रही है। इसलिए अब शिवराज साष्टांग भी हो जाए तो कोई फर्क पड़ने वाला नहीं है। दिग्विजय सिंह ने दावा किया है कि 3 नवंबर तक आते-आते हो जमीन पर लेट कर साष्टांग करेंगे। क्योंकि उनके अंदर भारी डर व्याप्त है।
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उनके लिए कांग्रेस की सरकार गिराना बेहद जरूरी था- दिग्विजय सिंह
वहीं दूसरी तरफ दिग्विजय सिंह ने कहा है कि भाजपा और शिवराज के लिए कमलनाथ के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार गिराना बेहद जरूरी था। दिग्विजय सिंह ने यह दावा किया है कि अगर ऐसा नहीं होता तो 15 वर्षों के भ्रष्टाचार उजागर हो जाते। दिग्विजय सिंह ने कहा कि शिवराज सिंह चौहान और उनके भ्रष्टाचार में शामिल सहयोगियों पर कमलनाथ सरकार में शिकंजा कसता जा रहा था। वहीं दिग्विजय सिंह ने यह भी कहा कि सांवेर में अपने एक बयान में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने खुद बोला था कि उन्हें केंद्रीय नेतृत्व द्वारा यह कहा गया था कि सरकार बदलनी है। खरीद-फरोख्त करनी है क्योंकि अगर बीजेपी द्वारा सरकार नहीं खरीदी जाती तो कांग्रेस उन्हें बर्बाद कर देती।
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भ्रष्टाचार के केस खुल गए थे
आगे दिग्विजय सिंह ने कहा कि कमलनाथ सरकार में व्यापम भ्रष्टाचार केस, नगर निगम में भ्रष्टाचार केस, सेहत के भ्रष्टाचार केस खुल गए थे। ई टेंडरिंग के केस खुल गए था। अवैध रेत खनन के केस खुल गए थे। दिग्विजय सिंह ने कहा कि मिलावट और माफिया में 15 सालों से जो इनके लोग शामिल थे और जनता को लूट रहे थे। वह कमलनाथ जी के सफल नेतृत्व में सारी बातें खुलकर सामने आने लगे थे। कमलनाथ द्वारा एक एक निर्णय इन लोगों के खिलाफ लिए जा रहे थे और गरीब के पक्ष में थे। बिजली का मसला हो या फिर गरीबों के पेंशन का। किसानों का कर्जा माफ किया गया। ये सब कमलनाथ के सबल शासन में हुए।
15 वर्षों में किसानों का कितन माफ़ किया
दिग्विजय सिंह ने कहा कि एक तरफ जहां मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान यह कहते हैं कि किसानों का कर्ज माफ नहीं हुआ वहीं दूसरी तरफ किसान मंत्री खुद कहते हैं कि 27 लाख किसानों का कर्जा माफ हुआ है और 1000 करोड़ का कर्जा माफ किया गया। जबकि 15 साल से शिवराज सिंह चौहान के सरकार में किसानों का 1 रुपया भी किसान कर्ज माफ किया गया हो तो मुख्यमंत्री बताएं।
अधिकारी कर्मचारी को भी किया सावधान
इसके साथ ही पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने चेतावनी देते हुए मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान एवं बीजेपी को कहा है कि जिस भी दिन प्रदेश में कांग्रेस की सरकार बन गई। उस दिन 1-1 घोटाले खुलकर फिर से सामने आएंगे। वहीं उन्होंने अधिकारी कर्मचारी को भी सावधान करते हुए कहा है कि अब कोड ऑफ कंडक्ट लग चुका है।
तबादले पर शिवराज को घेरा
आगे बोलते हुए दिग्विजय सिंह ने कहा कि 8 अक्टूबर को केवल उन्हीं जिलों में डिप्टी कमिश्नर के तबादले हुए जहां पर उपचुनाव होने हैं। यह आश्चर्य की बात है। यानी कि चुनाव आयोग के स्पष्ट आदेश का उल्लंघन किया गया। वही इमरती देवी पर निशाना साधते हुए दिग्विजय सिंह ने कहा कि शिवराज के मंत्री तो यह कह रही हैं कि उन्हें कलेक्टर चुनाव जितवा देंगे।
बता दें कि सोशल मीडिया पर एक्टिव रहने के साथ-साथ दिग्विजय सिंह केंद्र सरकार एवं प्रदेश सरकार पर लगातार निशाना बनाते रहते हैं। अब उन्होंने उप चुनाव से पूर्व एक बार फिर से मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को घेरा हैं। अब देखना दिलचस्प है कि इस पर मुख्यमंत्री-बीजेपी की कैसी प्रतिक्रिया रहती है।
भाजपा और शिवराज के लिए कमलनाथ के नेतृत्व वाली कॉंग्रेस सरकार गिराना बेहद आवश्यक था क्योंकि उनके १५ वर्षों के भ्रष्टाचार उजागर हो रहे थे। उन पर व उनके भ्रष्टाचार में शामिल सहयोगियों पर शिकंजा कसता जा रहा था। #लोकतंत्र_बचाओ_भाजपा_हराओ
— Office Of Digvijaya Singh (@OfficeOfDVS) October 11, 2020
