गुरुग्राम में फंसे दिव्यांगों ने ‘मामा’ से लगाई मदद की गुहार-“हमें बचा लो”

गुरुग्राम में फंसे दिव्यांगों ने ‘मामा’ से लगाई मदद की गुहार-“हमें बचा लो”

भोपाल।

देशभर में 21 दिन के पूर्ण लॉक डाउन के बीच मध्य प्रदेश के कई लोग अन्य राज्य में फंस गए हैं। जिसमें से गुरुग्राम के चार ऐसे युवक जो दिव्यांग है और सुन और बोल नहीं सकते हैं, उनका एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। अपने वीडियो में उन्होंने इशारे में मुख्यमंत्री चौहान से उन्हें वापस मध्यप्रदेश बुलाने की अपील करते हुए कहा है कि उनके पास खाने पीने के कोई संसाधन नहीं है।

दरअसल उनके वीडियो वायरल होने के बाद मूक-बधिर केंद्र इंदौर के ज्ञानेंद्र मोनिका पुरोहित ने सोशल मीडिया पर चारों युवकों से बात कर उनकी जानकारी शेयर की। मोनिका पुरोहित ने बताया कि मध्य प्रदेश के चार मुख बधिर युवक गुरुग्राम में रहकर नौकरी करते थे लेकिन लॉक डाउन की वजह से वह अपने घर वापस नहीं आ सके। अब ना उनके पास खाने-पीने की कोई संसाधन है और ना उनके पास ईंधन की व्यवस्था है। मूक बधिर ज्ञानेंद्र मोनिका ने बताया कि युवकों ने वीडियो के जरिए उन्हें अपनी यह पीड़ा बताई जिसके बाद मोनिका पुरोहित ने सोशल मीडिया पर अपनी पोस्ट शेयर की। बता दें कि गुरुग्राम में फंसे हुए युवकों में एक अमित कुमार पांडे (रीवा), नितिन सिंह राजपूत (जबलपुर), राकेश कुमार नामदेव ( कटनी) और संदीप सोनी ( जबलपुर) के हैं। यह चारों युवक इस वक्त पटौदी जिला गुरुग्राम हरियाणा में फंसे हुए हैं। अपने वीडियो के जरिए उन्होंने मूकबधिर केंद्र के ज्ञानेंद्र मोनिका पुरोहित से बात की जहां उन्होंने शिवराज सिंह चौहान से अपील की है किसी भी वाहन की व्यवस्था कर उन्हें वापस मध्यप्रदेश बुला लिया जाए।

बता दें कि इससे पहले मुख्यमंत्री ने कई बार यह आश्वासन दिया है वह राज्य से बाहर रह रहे मजदूरों के लिए दूसरे राज्य के राज्य सरकारों के साथ लगातार संपर्क में है और उनके खाने एवं रहने की व्यवस्था करवा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा है कि सभी मजदूर भाइयों को परेशान होने की जरूरत नहीं है।

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पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
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