पायलेट भाई के कोरोना पॉजिटिव की अफवाह उड़ी तो दिव्यांका ने दिया ये जवाब

पायलेट भाई के कोरोना पॉजिटिव की अफवाह उड़ी तो दिव्यांका ने दिया ये जवाब

भोपाल।
पायलट भाई ऐश्वर्य त्रिपाठी को कोरोना वायरस की अफवाह फैलाने के बाद टीवी एक्ट्रेस दिव्यांका त्रिपाठी का बड़ा बयान सामने आया है।दिव्यांका का कहना है कि भोपाल के मेरे घर पर बोर्ड लगाया गया जो जरूरी है, मगर उसमे कहीं भी ये मेंशन नहीं किया गया कि मेरा भाई कोरोना पॉजिटिव है। मुझे नहीं पता इस माहौल में किस-किस को कैसी-कैसी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा होगा। आधों को तो ऐसे ही बीमार घोषित कर दिया जा रहा है तो कुछ को घर से बाहर रहने की सलाह दी जा रही है। कोई ये नहीं सोच रहा कि इससे एक इंसान को कितनी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा होगा।

आगे दिव्यांका ने लिखा है कि मेरे पिता अपनी जान जोखिम में डालकर लोगों तक दवाइयां पहुंचा रहे हैं। वहीं मेरा भाई बिना किसी डर के एक देश से दूसरे देश लोगों को उनके घर सुरक्षित पहुंचाने के लिए जाता रहा। कई लोग सरकार की घोषणा के बाद भी दिन-रात लोगों की मदद करने में लगे हुए हैं, जबकी उनका परिवार उनकी सलामती की दुआ कर रहा है।आप सभी का फर्ज बनता है कि भले ही आप पर्सनली उन्हें थैंक्स नहीं बोल सकते तो कम से कम उनकी रिस्पेक्ट करें। उन्हें कम से कम सम्मान के साथ तो रहने दें।

दरअसल, टीवी एक्ट्रेस दिव्यांका त्रिपाठी के भाई पायलट हैं और इस वजह से उन्हें देश-विदेश का सफर करना पड़ता है। कुछ दिनों पहले जब वह घर आए तो उन्होंने खुद को सेल्फ क्वारंटाइन कर लिया। बावजूद इसके अफवाह उड़ाई गई कि वे कोरोना वायरस से संक्रमित है, जब इस बात का दिव्यांका को पता चला तो उन्होंने सोशल मीडिया के माध्यम से इसका खंडन किया ।

Gaurav Sharma
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निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
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