मुरैना की घटना पर कमलनाथ का वार, शिवराज जी माफियाओं के लिए सिर्फ फ़िल्मी डायलाग से काम नहीं चलेगा

मुरैना की घटना पर कमलनाथ का वार, शिवराज जी माफियाओं के लिए सिर्फ फ़िल्मी डायलाग से काम नहीं चलेगा

भोपाल, डेस्क रिपोर्ट| मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के मुरैना (Morena) में जहरीली शराब से मौत का आंकड़ा लगातार बढ़ता जा रहा है| मुख्यमंत्री के निर्देश पर घटना की जांच करने के लिए गठित एसआईटी मुरैना में जांच कर रही है| इधर, इस घटना को लेकर सरकार विपक्ष के निशाने पर है| पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ (Kamalnath) ने एक बार फिर शिवराज सरकार (Shivraj Government) पर हमला बोला है| कमलनाथ ने कहा शिवराज जी माफ़ियाओ को लेकर सिर्फ़ फ़िल्मी डायलाग बोलने से काम नहीं चलेगा

जहरीली शराब से कई लोगों की मौत की घटना पर शुक्रवार को कमलनाथ ने ट्वीट कर सरकार को घेरा| उन्होंने लिखा- बेहद शर्मनाक , मूरैना में ज़हरीली शराब से 21 लोगों की मौत के बाद भी नहीं जागी सरकार, ज़हरीली शराब से अभी भी मौतें जारी, मौतों का आँकड़ा 24 तक पहुँचा। उज्जैन में ज़हरीली शराब से हुई 16 लोगों की मौत के बाद यदि सरकार जाग जाती तो यह घटना और अन्य घटनाएँ रोकी जा सकती थी।

कमलनाथ ने घटना की जांच पर सवाल उठाते हुए लिखा- पूर्व की तरह ही दिखावटी जाँच , दिखावटी कार्यवाही , शराब माफ़ियाओ को रोकने के लिये कोई ठोस निर्णय नहीं ? प्रदेश मे खनन माफिया के हौसले भी बुलंद , अनूपपुर में अधिकारियों पर हमला, महू में मंत्री की भूमिका सामने आने पर मंत्री पर कार्यवाही की बजाय अब मंत्री को बचाने और अधिकारियों को|

पूर्व सीएम ने कहा शिवराज जी माफ़ियाओ को लेकर सिर्फ़ फ़िल्मी डायलाग बोलने से काम नहीं चलेगा , हमारी सरकार की तरह माफ़ियाओ को नेस्तनाबूद करने के लिये ज़मीनी ठोस कार्यवाही करना पड़ेगी। मै इसीलिये तो कहता हूँ कि मुँह चलाने और सरकार चलाने में बड़ा अंतर है।

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निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
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