किसान लाठीचार्ज मामले पर बवाल, नाथ ने दी सड़क पर उतरने की धमकी

किसान लाठीचार्ज मामले पर बवाल, नाथ ने दी सड़क पर उतरने की धमकी

भोपाल/श्योपुर।
मध्यप्रदेश के श्योपुर में तहसीलदार द्वारा गेहूं बेचने गए किसान से मारपीट का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। अब पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने किसानों पर डंडे बरसाने वाले अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। वही उचित कार्रवाई ना करने पर सड़क पर उतरने की चेतावनी दी है।इधर, जिले में भाजपा-कांग्रेस के नेताओं ने बड़ौदा तहसीलदार शिवराज मीणा के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। नेताओं ने तहसीलदार के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की है।तहसीलदार के खिलाफ शिकायतें श्योपुर कलेक्टर से लेकर भोपाल और मानव अधिकार आयोग तक पहुंच चुकी हैं

कमलनाथ ने ट्वीट कर लिखा है कि शिवराज जी आपकी 1 माह की सरकार में ही प्रदेश में किसानो का दमन प्रारंभ हो गया है। आपकी पूर्व की सरकार में अपना हक़ माँग रहे निर्दोष किसानो के सीने पर किस प्रकार गोलियाँ दागी गयी,उनके कपड़े उतारकर उन्हें थानो में बंद किया गया,उनका किस प्रकार दमन किया ,यह पूरे प्रदेश ने देखा है।

कमलनाथ ने आगे लिखा है कि वही इतिहास आपकी वर्तमान सरकार के 1माह मे ही दोहराने का काम फिर से किया जा रहा है।पूर्व में जबलपुर में एक किसान की पुलिस पिटाई से हुई मौत की घटना और अब श्योपुर जिले के सलमान्या सायलो गेहूँ ख़रीदी केन्द्र पर अन्नदाता किसानो पर अधिकारियों द्वारा बेरहमी से लाठीचार्ज व दमन की घटना।

अगले ट्वीट में नाथ ने लिखा है कि कांग्रेस किसान भाइयों का दमन बर्दाश्त नहीं करेगी व सड़क से सदन तक इसके विरोध में लड़ाई लड़ेगी।श्योपुर घटना के दोषी अधिकारियों पर अविलंब कड़ी से कड़ी कार्यवाही हो,घायल किसान का समुचित इलाज सरकार कराये,खरीदी केंद्रो पर अव्यवस्था तत्काल दूर की जाये,कांग्रेस आपसे यह माँग करती है

ये है पूरा मामला
शनिवार को सलमान्या साइलो सेंटर पर गेहूं बेचने के लिए चार दिन से कतार में लगे पाण्डोला के किसान रमेश पुत्र सीताराम सुमन का नंबर जैसे ही गेहूं तौलने का नंबर आया तो उसका गेहूं सैंपल में फेल कर दिया गया। जब वह इसकी शिकायत लेकर तहसीलदार शिवराज मीणा के पास लेकर पहुंचा तो तहसीलदार ने उसके हाथ व पांवों में डंडे मार दिए थे। इस घटना के बाद बड़ौदा तहसीलदार को चौतरफा नाराजगी व आक्रोश का सामना करना पड़ रहा है।घायल किसान को लेकर कुछ नेता पाण्डोला चौकी पहुंचे और तहसीलदार पर एफआईआर की मांग की लेकिन, चौकी पर तहसीलदार के खिलाफ आवेदन तक नहीं लिया गया। इसके बाद भाजपा नेता किसान को लेकर कलेक्टोरेट व एसपी कार्यालय पहुंचे जहां, उन्हें जांच का भरोसा देकर लौटा दिया गया है। तहसीलदार के खिलाफ लोगों का गुस्सा सोशल मीडिया पर हो रही पोस्टों पर दिखा। तहसीलदार के खिलाफ शिकायतें श्योपुर कलेक्टर से लेकर भोपाल और मानव अधिकार आयोग तक पहुंच चुकी हैं।

https://twitter.com/OfficeOfKNath/status/1254387692793708544

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