किसान यूनियन ने सीएम को लिखा पत्र, की यह मांग

किसान यूनियन ने सीएम को लिखा पत्र, की यह मांग

भोपाल//दिनेश यादव।

मुख्यमंत्री शिवराज चौहान को ज्ञापन जारी कर किसानों की समस्याओं से अवगत कराया गया। आज भारतीय किसान यूनियन ने यह मांग की है कि कोरोना वायरस के कारण लगे प्रतिबंध के चलते किसानों को काफी नुकसान उठाना पड़ रहा है। सरकार अगर जल्द ही नहीं चेती तो किसान की स्थिति भयावह हो जाएगी। भारतीय किसान यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष अनिल यादव ने कहा की मालवा अंचल में फल का उत्पादन अधिक होता है। संतरे की फसल ज्यादा समय तक रखने स्थिति में नहीं रहती है। व्यापारी खरीदने को तैयार नहीं है। क्योंकि उनके आवागमन के साधन रोके गए हैं।फसलों की कटाई में किसानों को परेशानियों का सामना करना पडा है क्योंकि मशीन वाले नगदी मांग रहे हैं और किसानों के पास नगदी की कोई व्यवस्था नहीं है। जो फसल निकल चुकी है वह खेत खलियान में खुले में पड़ी हुई है किसानों के पास कोई रखरखाव का साधन नहीं है ऐसे में अगर जल्दी खरीदी नहीं की जाती है तो एक और प्राकृतिक आपदा का किसानों को सामना करना पड़ सकता है। किसानों की परिस्थिति ऐसी नहीं है कि वह अपने घर परिवार का भरण पोषण कर पाए ऐसी स्थिति में किसानों को 2017 में भाजपा शासन कॉल मैं सोया भावंतर राशि अभी तक प्राप्त नहीं हुई है। कांग्रेस शासनकाल में गेहूं का बोनस 160 बकाया है। 75% अतिवृष्टि के कारण हुए नुकसान का मुआवजा किसानों को अभी तक नहीं मिला है। अगर यह राशि किसानों को मिल जाती है तो वह अपनी फसल की कटाई नकदी में करवा सकता है और घर का भरण पोषण कर दो माह कर सकता है।

अनिल यादव ने यह भी कहा कि आज जो पूरे देश का भरण पोषण करवा रहा है। उसकी स्थिति यह है कि वह स्वयं आज भूखा सोने को मजबूर है। अगर यह स्थिति नहीं सुधरी तो यह वायरस से भी घातक सिद्ध होगा। किसानों की फसलों को खेत और खलिहान से खरीदने की व्यवस्था बनाई जाए। किसान स्वयं अपने खेतों पर तोल कर पूर्ण पैकिंग कर देने को तैयार है। अगर सरकार चाहे तो बोरियों में भरा हुआ अनाज खेतों से उठवा सकती है। जिससे भीड़ भी नहीं होगी और वायरस से बचाव भी होगा। यादव ने कहा कि प्रदेश के किसानों की स्थिति ऐसी नहीं है कि वह दोहरे संकट से लड़ पाए।

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