भोपाल: इस दिवाली सिर्फ दो घंटे तक फोड़ सकेंगे पटाखे, ग्रीन पटाखों की ही अनुमति

delhi

भोपाल, डेस्क रिपोर्ट| मध्य प्रदेश (Madhyapradesh) की राजधानी भोपाल (Bhopol) में दिवाली (Diwali) पर पटाखे (Crackers) फोड़ने पर कोई प्रतिबन्ध नहीं है| लेकिन, इस बार रात 8 से 10 बजे तक ही पटाखे फोड़ने की अनुमति रहेगी। सिर्फ ग्रीन पटाखों को ही जलाने की अनुमति दी गई है। NGT के आदेश पर कलेक्टर अविनाश लवानिया (Bhopal Collector Avinash Lavania) ने इसके आदेश जारी कर दिए हैं। उन्होंने कहा कि आम जनता से अपील है कि वे ग्रीन पटाखों (Green Crackers) का ही इस्तेमाल करें। इससे प्रदूषण कम होगा।

त्योहारों पर जिला प्रशासन द्वारा पटाखे जलाने का समय निर्धारित कर दिया गया है। रात आठ से 10 बजे तक पटाखे जलाए जा सकते हैं। इसी तरह क्रिसमस और नए साल की पूर्व संध्या को रात 11ः55 से 12ः30 बजे आतिशबाजी करने की अनुमति होगी। इसके बाद कोई पटाखे फोड़ते और बेचते पाया गया तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी। इसी तरह छठ पर्व के दिन सुबह 6 बजे से 8 बजे तक पटाखे फोड़ सकेंगे|

दरअसल, वायु प्रदूषण को लेकर नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) ने एक आदेश जारी किया है। जिसमे केंद्रीय प्रदूषण मंत्रालय ने चार राज्यों को नोटिस जारी कर 30 नवंबर तक पटाखे जलाने पर बैन लगाने के लिए भी कहा था। इस आदेश के परिपालन में मप्र गृह विभाग ने सभी जिला कलेक्टरों को पिछले साल के प्रदूषण स्तर के आधार पर रोक लगाने की अनुशंसा की थी। इस पर जिला कलेक्टरों को अपने स्तर पर निर्णय लेना था। जिसके बाद भोपाल में दो घंटे पटाखे फोड़ने की छूट दी गई है|

सीएम शिवराज ने कहा था पटाखों पर नहीं कोई प्रतिबन्ध
इससे पहले मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने ट्वीट कर जानकारी दी थी कि राज्य में पटाखों पर बैन नहीं लगेगा लेकिन चीनी पटाखे नहीं जलाए जाएंगे। उन्होंने कहा था कि मध्यप्रदेश खुशियों का प्रदेश है। यहां पर हम खुशियों पर कभी भी किसी तरह का प्रतिबंध नहीं लगाते। प्रदेश में पटाखों पर कोई प्रतिबंध नहीं है। हां, लेकिन चीनी पटाखों पर प्रतिबंध जरूर है। आप भगवान राम के अयोध्या लौटने की खुशी मनाएं, पटाखे जलाएं और धूम-धाम से दिवाली मनाएं|

Gaurav Sharma
लेखक के बारे में
Gaurav Sharma

निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
Follow Us :GoogleNews