उपचुनाव से पहले आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को लेकर सरकार का बड़ा फैसला

उपचुनाव से पहले आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को लेकर सरकार का बड़ा फैसला

भोपाल, डेस्क रिपोर्ट

मध्यप्रदेश में कोरोना संक्रमण(Corona infection in Madhya Pradesh) काल के बीच आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं(Anganwadi workers) के मामले में सियासी दखल के बाद अब राज्य सरकार ने उन्हें राहत दी है। प्रदेश के 1 लाख 80 हजार आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को सरकार ने उनका बकाया मानदेय भुगतान कर दिया है। इससे पहले पिछले 4 महीने से सहायिका एवं कार्यकर्ताओं को केंद्र सरकार द्वारा 4500 रुपए ही दिए जा रहे थे। राज्य सरकार अपने अंश के 5500 रुपए का भुगतान नहीं कर रही थी। जिसके बाद लगातार उठने मामले के बीच अब राज्य शासन ने बकाया का भुगतान किया है।

दरअसल आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के खाते में 22 हजार रुपए पहुंचाए जाने की प्रक्रिया शुक्रवार से शुरू हो चुकी है। जहां विपक्ष के इस मुद्दे पर सवाल उठाने के बाद प्रदेश के मुखिया शिवराज सिंह चौहान(Shivraj Singh Chauhan) ने निर्देश देते हुए कहा था कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं एवं कोरोना वारियर्स को जल्द उनके मानदेय का भुगतान किया जाए।जिसके बाद कार्यकर्ताओं को बकाये का भुगतान किया गया। वहीं राज्य शासन द्वारा हुई इस पर इस कार्रवाई पर पूर्व कैबिनेट मंत्री दर्जा प्राप्त सुल्तान सिंह शेखावत(Sultan Singh Shekhawat) ने इस फैसले का स्वागत किया है। सुल्तान सिंह शेखावत ने कहा है कि कांग्रेस सरकार में आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को 10000 रुपए ही दिए गए जबकि इन कार्यकर्ताओं को हर महीने 11500 रुपए का मानदेय का भुगतान होना था। वहीं उन्होंने राज्य शासन से मांग की है कि इस संकट काल में ऐसे कोरोना वारियर्स(Corona warriors) को 1500 रुपए हर महीने के हिसाब से अतिरिक्त भुगतान भी किए जाए।

बता दें कि मध्य प्रदेश के करीबन डेढ़ लाख कोरोना वारियर्स को 4 महीने से आधे से भी कम मानदेय दिया जा रहा है।प्रदेश के करीबन 1लाख 80 हजार आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं को 10,000 रुपए के बजाए सिर्फ 4,500 रुपए राज्य शासन द्वारा दिए जा रहे हैं। इसके साथ ही राज्य शासन द्वारा पिछले 4 महीने से कटौती किए हुए वेतन का हिस्सा भी जमा नहीं किया गया है। जिसके बाद शुक्रवार को कमलनाथ(Kamal Nath) ने इस मुद्दे पर सरकार को घेरा था।

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