GWALIOR: मंडी में आम जनता के जाने पर रोक, घुसे तो डंडे मारेगी पुलिस

GWALIOR: मंडी में आम जनता के जाने पर रोक, घुसे तो डंडे मारेगी पुलिस

ग्वालियर।अतुल सक्सेना।

लॉक डाउन में शहर के लोगों की सुविधाओं का ध्यान रखते हुए जिला प्रशासन दी गई सुविधाओं का लोग उल्लंघन कर रहे हैं। सबसे ज्यादा उल्लंघन सब्जी मंडी में हो रहा है। लोग यहाँ भीड़ की शक्ल में पहुँच रहे हैं जिसके बाद जिला प्रशासन ने अब सब्जी मंडी में आम जनता का प्रवेश बंद कर दिया है यहाँ सिर्फ सब्जी विक्रेता ठेले वाले ही जा सकेंगे। और यदि सब्जी विक्रेता के अलावा शहर का आम नागरिक सब्जी लेने मंडी पहुंचा तो पुलिस उससे डंडे से निपटेगी।

14 अप्रैल तक लॉक डाउन के चलते शहर के लोगों की परेशानी को दूर करने के लिए जिला प्रशासन ने दूध, किराना, फल सब्जी आदि आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता के लिए सुबह 6 बजे से 12 बजे तक दुकानें खोलने के निर्देश दिए हैं। इस आदेश का सबसे ज्यादा उल्लंघन सब्जी मंडियों में हो रहा है। लोग यहाँ भीड़ के रूप में पहुँच रहे हैं जिससे सोशल डिस्टेंसिंग प्रभावित हो रही है। बार बार समझाने के बाद जब शहर के लोग नहीं माने तो जिला प्रशासन ने मंडी को आम लोगों के लिए बंद कर दिया है। कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक ने कहा कि अब केवल सब्जी विक्रेता ही मंडी में जा सकेंगे यदि आम नागरिक सब्जी लेने पहुंचा तो पुलिस सख्ती से निपटेगी। प्रशासन का कहना है कि किराना दुकानों पर भी भीड़ बढ़ रही है यदि ये नहीं रुकी तो जल्दी ही इनके खुलने की समय सीमा घटाई जा सकती है या बिल्कुल बंद की जा सकती है अभी ये दुकाने सुबह 6 बजे से 12 बजे तक खुल रही हैं और यहाँ भीड़ की शिकायतें मिल रही हैं। उधर पुलिस अधीक्षक ने सभी थाना प्रभारियों को निर्देश दिया हैं कि वे अपने थाना क्षेत्र में हाई वे से गुजर रहे ट्रक ड्राइवर, क्लीनर और अन्य स्ताफ के खाने की व्यवस्था करें जरूरत पड़ने पर इनके लिए ढाबों को भी खुलवाएं।

Gaurav Sharma
लेखक के बारे में
Gaurav Sharma

निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
Follow Us :GoogleNews