अब घर बैठे मंगाए डीजल, भोपाल में शनिवार से शुरू होगी होम डिलीवरी, ऐसे करें ऑर्डर

अब घर बैठे मंगाए डीजल, भोपाल में शनिवार से शुरू होगी होम डिलीवरी, ऐसे करें ऑर्डर

भोपाल, डेस्क रिपोर्ट| आधुनिकता के दौर में होम डिलीवरी के चलन का दायरा तेजी से बढ़ता जा रहा है। अब तक ऑनलाइन शॉपिंग, खाना, टैक्सी आपको घर बैठे मिल जाते थे, अब डीजल की भी होम डिलीवरी (Diesel Home Delivery) होगी। राजधानी भोपाल (Bhopal) में शनिवार से इसकी शुरुआत होगी| अब एप के जरिये आप घर बैठे डीजल बुलवा सकते हैं|

दरअसल, हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉरपोरेशन (HPCL) पेट्रोल पंप ऑन व्हील सुविधा शुरू करने जा रहा है। पेट्रोल पंप ऑन व्हील सर्विस के लिए हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉरपोरेशन का जो वाहन होगा उसमें डिस्पेंस मशीन और नोजल बिल्कुल पेट्रोल पंप की तरह लगी होंगी। यह चलित पेट्रोल पंप 10 किमी के दायरे से आने वाले सभी ऑर्डर पर फ्री में डीजल की डिलीवरी करेगा। 10 किलोमीटर से ज्यादा के दायरे में दूरी के आधार पर डिलीवरी चार्ज लिया जाएगा।

घर तक डीजल की होम डिलीवरी के लिए हिंदुस्तान पेट्रोलियम ने एक ऐप बनाया है, जिसका नाम हमसफर ऐप है। इसे प्लेस्टोर से डाउनलोड कर सकते हैं। या फिर 9977867482 नंबर पर फोन करके भी डीजल ऑर्डर किया जा सकेगा। इसके साथ ही एक टोल फ्री नंबर 1800 1039811 पर भी कॉल कर सकते हैं। अगर आप १० किमी के अंदर डीजल बुलवा रहे हैं तो चलित पेट्रोल पंप आपके आर्डर पर होम डिलीवरी का चार्ज नहीं लेगा| अगर इससे दूर है, तो दूरी के आधार पर डिलीवरी चार्ज देना होगा|

Gaurav Sharma
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निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
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