VIDEO : नरोत्तम का कमलनाथ पर निशाना, न मोहरे बचेंगे न सरगना

narottam misdhra

भोपाल, डेस्क रिपोर्ट| मध्यप्रदेश (Madhyapradesh) के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ (Kamalnath) की मुश्किलें बढ़ सकती हैं| चुनाव आयोग (Election Commission) ने कमलनाथ के करीबी रहे तीन अधिकारियों समेत उन सभी अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर (FIR) दर्ज कराने के निर्देश दिए हैं जिन पर 2019 के आम चुनाव के दौरान कालाधन ले जाने के आरोप लगे थे। इस मामले में गृहमंत्री डॉ नरोत्तम मिश्रा (Narottam Mishra) का बड़ा बयान सामने आया है| उन्होंने दो टूक कहा कि इस मामले में जो सामने दिख रहे यह तो मोहरे हैं, सरगना भी नहीं बचेगा|

गृहमंत्री डॉ मिश्रा ने कहा मध्य प्रदेश में शिवराज सिंह जी की सरकार है, यहां कानून का राज है| जिस मामले में सीबीडीटी की रिपोर्ट आ गई हो और चुनाव आयोग ने स्पष्ट रूप से एफआईआर की बात कही हो उसमे कार्रवाई का कोई संशय नहीं है| दोषी कोई भी हो कार्रवाई होगी| उन्होंने कहा कि इस मामले की पूरी जांच हुई है, अप्रेजल रिपोर्ट आ चुकी है| जिसमे सबके नामों के खुलासे हो चुके हैं|

..इसीलिए कमलनाथ ने कही थी आराम करने की बात
नरोत्तम मिश्रा ने कमलनाथ के सन्यास वाले बयान पर भी निशाना साधा| उन्होंने कहा अब साफ हुआ कि कमलनाथ जी ने आराम करने वाली बात क्यों कही थी | उन्हें अपने करीबी लोगों के यहां पड़े आयकर छापे की अप्रेजल रिपोर्ट का अहसास हो गया होगा। अब सीबीडीटी औऱ चुनाव आयोग की रिपोर्ट से साबित हो गया कि कमलनाथ मध्य प्रदेश के इतिहास के भ्रष्टतम मुख्यमंत्री रहे हैं।

Gaurav Sharma
लेखक के बारे में
Gaurav Sharma

निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
Follow Us :GoogleNews