किसान आंदोलन का असर: भोपाल से होकर जाने वाली यह ट्रेनें निरस्त

mp rail news

भोपाल, डेस्क रिपोर्ट| किसान आंदोलन (Farmers Protest) को बड़े पैमाने पर समर्थन मिल रहा है। कई राजनीतिक पार्टियों से लेकर कई संगठन ने आंदोलन का समर्थन किया है| किसान आंदोलन का असर अब ट्रेनों (Train) पर भी पड़ने लगा है। आंदोलन के चलत भोपाल से होकर जाने वाली 4 ट्रेन आज से निरस्त (Train Cancel) कर दी गई हैं।

कृषि कानून को लेकर किसानों ने 8 दिसंबर को भारत बंद (Bharat Band) का ऐलान किया गया है। बता दें कि करीब 2 माह से किसान आंदोलन जारी है। ऐसे में रेलवे ने पंजाब में कई बार ट्रेनों को रद्द किया है| किसानों के बढ़ते आंदोलन को देखते हुए कई ट्रेन रद्द की जा रही है| इस बीच भोपाल से होकर जाने वाली 4 ट्रेन आज से निरस्त कर दी गई हैं। भोपाल मंडल द्वारा प्राप्त जानकारी के अनुसार यह ट्रेन आंशिक रद्द की गई हैं। इसमें नांदेड़-अमृतसर एक्सप्रेस स्पेशल समेत अन्य गाड़ियां प्रभावित हुई हैं। किसान आंदोलन के चलते सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए रेल प्रशासन ने यह निर्णय लिया है। । अगर आप भी ऐसे परिस्थिति में ट्रेन से कहीं जानें की योजना बना रखें, तो एक बार अपने ट्रेन की जानकारी जरूर चेक कर लें|

नांदेड़-अमृतसर एक्सप्रेस स्पेशल नांदेड़ स्टेशन से रवाना होने वाली गाड़ी संख्या 02715 नांदेड़-अमृतसर एक्सप्रेस स्पेशल नई दिल्ली स्टेशन पर समाप्त होगी। 9 दिसंबर को गाड़ी संख्या 02716 अमृतसर-नांदेड़ एक्सप्रेस स्पेशल नई दिल्ली स्टेशन से प्रारंभ होगी। यह गाड़ी नई दिल्ली-अमृतसर-नई दिल्ली के मध्य आंशिक निरस्त रहेगी।

हजरत निजामुद्दीन-सिकंदराबाद राजधानी सुपरफास्ट गाड़ी संख्या- 02438/02437 हजरत निजामुद्दीन-सिकंदराबाद राजधानी सुपरफास्ट एक्सप्रेस स्पेशल ट्रेन को अगली सूचना तक निरस्त करने का निर्णय किया गया है।

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पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
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