इंदौर में कोरोना का तांडव जारी, 131 की रिपोर्ट फिर पॉजिटिव, आंकड़ा 2200 के पार

इंदौर में कोरोना का तांडव जारी, 131 की रिपोर्ट फिर पॉजिटिव, आंकड़ा 2200 के पार

इंदौर। मध्यप्रदेश(madhypradesh) के मिनी मुबंई कहे जाने वाले इंदौर (indore) में कोरोना(corona) का तांड़व जारी है। आए दिन मरीजों की संख्या में तेजी से इजाफा हो रहा है। बुधवार रात यहां फिर 131 कोरोना पॉजिटिव मिले। इसके साथ ही इंदौर में मरीजों की संख्या 2238 और मरने वालों की संख्या 96 पहुंच गई है।लगातार बढ़ते आंकड़ों से ये तो साफ हो गया है कि इंदौर में ढील मिलना मुश्किल है वही अन्य जिलों के मुकाबले लॉक डाउन (lock down)की अवधि को और बढ़ाया जा सकता है। हालांकि इसके संकेत बीते दिनों कलेक्टर (indore collecter) ने भी दे दिए थे। वही शहर में लगातार बढ़ रहे आंकड़ों ने सरकार(shivraj sarkar) के माथे पर भी चिंता की लकीरें खींच दी है। ऐसे में माना जा रहा है कि सरकार आने वाले दिनों मे इंदौर को लेकर बड़ा फैसला ले सकती है।

दरअसल, बुधवार को 1728 सैंपल लिए गए जिनमें से 1422 की जांच की गई। इनमें 131 नए पॉजिटिव मरीज सामने आए हैं। इधर सैंपलिंग बढ़ने के साथ ही संक्रमण दर भी 6-7 से बढ़कर 9.21 पर पहुंच गई। एक और मरीज की कोरोना से मौत की पुष्टि के भाव शहर में महामारी से मरने वालों की संख्या 96 हो गई। वही प्रदेश में कोरोना मरीजों का आंकड़ा 4000 हजार के पार हो गया है। अबतक प्रदेश में 140 से ज्यादा मौते हो चुकी है।

हैरानी की बात ये है कि मध्य प्रदेश के 52 में से 40 से ज्यादा जिले कोरोना की चपेट में आ गए है।इनमें कई जिले तो ऐसे है जिनमें लॉक डाउन थ्री में कोरोना की एंट्री हुई है, जो पहले ग्रीन और आरेंज तक ही सीमीत थे। वही रेड जोन इलाकों में भी तेजी से मरीजों की संख्या में बढोत्तरी हो रही है।

Gaurav Sharma
लेखक के बारे में
Gaurav Sharma

निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
Follow Us :GoogleNews