International Yoga Day: अधिकारियों और आमजनों ने किया घर में योग

International Yoga Day: अधिकारियों और आमजनों ने किया घर में योग

बालाघाट।सुनील कोरे

वैश्विक महामारी के मद्देनजर आज अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस बिना लोगों के बड़े जमावड़े के डिजिटल मीडिया मंचों पर मनाया जा रहा है। योग दिवस के इस मौके पर सभी ने अपने अपने घरों पर ही यह योग दिवस मनाया है। जिले में कलेक्टर दीपक आर्य ने घर में ही सपत्नीक योग कर, घरों में योग करने का संदेश जिलेवासियों को दिया। कलेक्टर दीपक आर्य ने सपत्निक अपने घर पर ही योग करके इसकी तस्वीर मीडिया में साझा की। उन्होंने बताया कि इस कोरोना महामारी से बचने के लिए भी योग बहुत जरूरी है। योग करने से यह बीमारी दूर भागेगी। इसके अलावा सर्व शिक्षा अभियान के जिला परिजयोना समन्वयक पी.के. अंगुरे ने भी घर में ही योग किया।

नेहरू युवा केंद्र द्वारा जिले भर में मनाया गया योग दिवस

नेहरू युवा केंद्र बालाघाट (युवा कार्यक्रम एवम खेल मंत्रालय भारत सरकार) के तत्वावधान में आज अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस, जिले के विभिन्न ब्लॉक में मनाया गया। जिले के दसों ब्लॉक में राष्ट्रीय स्वयंसेवको के नेतृत्व में ग्रामीण युवाओं के साथ उचित दूरी का ध्यान रख के अपने अपने घरों में परिवार के साथ योग किया गया। साथ ही साथ ग्राम के लोगों, बुजुर्ग एवं बच्चो को योग करते हुए ये संदेश दिया जा रहा है कि योग का जीवन में क्या महत्त्व है और आपके जीवन में योग से क्या-क्या लाभ मिल सकते है। इनके द्वारा माय योग माय लाइफ के संदर्भ में संदेश भी दिया जा रहा है।
जिले के युवा मण्डलों को पहले से ही घर मे रहकर योग करें और कोरोना काल मंे योग क्रिया, स्वास्थ्य के लिए कितना लाभदायक है, इसकी जानकारी दी गई। इस पूरे आयोजन में समस्त एनवायके स्वयंसेवक, युवा मंडल,महिला मण्डलों का सक्रियता पूर्वक सहयोग रहा।

Gaurav Sharma
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निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
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