Jabalpur: 3 अन्य मरीजों की रिपोर्ट पॉजिटिव, अबतक 43 स्वस्थ हो पहुंचे घर

Jabalpur: 3 अन्य मरीजों की रिपोर्ट पॉजिटिव, अबतक 43 स्वस्थ हो पहुंचे घर

जबलपुर। संदीप कुमार।

जबलपुर(Jabalpur )में कोरोना (Corona) का कहर बढ़ता जा रहा है| शुरुआत से कोरोना पर नियंत्रण रखने वाले जबलपुर में अब स्थिति और बिगड़ी जा रही है| सोमवार देर रात को आई रिपोर्ट में 03 मरीजों की रिपोर्ट कोरोना पॉजिटिव(corona positive) आई है। इन्हें मिलाकर जबलपुर में कोरोना पॉजिटिव की संख्या अब 137 हो गई है।

दरअसल जबलपुर में कोरोना के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। सोमवार को आई 03 लोगों की रिपोर्ट से अब जिले में संक्रमित मरीजों का आकड़ा 137 पहुँच चूका है। वहीं संक्रमण के कारण दो और लोगों की मौतdeath) हुई है। जिससे जिले में कोरोना की वजह से मरने वालों की संख्या 07 हो गई। जबकि राहत की बात ये है कि 43 मरीज ठीक होकर घर लौट चुके हैं। वहीँ जबलपूर में अभी कोरोना के 87 एक्टिव पॉजिटिव मरीज है।जिनका इलाज अस्पताल में चल रहा है।

बता दें कि इससे पहले मेडिकल कॉलेज जबलपुर(medical college jabalpur) में भर्ती दो बच्चों की इलाज के दौरान आज मौत हो गई थी। दोनों ही बच्चे नरसिंहपुर और सिवनी जिले के रहने वाले थे। जिन्हें की इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज में भर्ती किया गया था। बताया जा रहा था कि दोनों ही बच्चों को सांस लेने में तकलीफ हो रही थी। जिसके चलते उनके परिजनों ने इलाज के लिए पहले जिला अस्पताल और फिर मेडिकल कॉलेज लेकर आए थे। बच्चों की मौत के बाद स्वास्थ्य विभाग ने उनका सबसे सैंपल(sample) कोरोना वायरस(corona virus) की जांच(test) के लिए भेजा गया था।

Gaurav Sharma
लेखक के बारे में
Gaurav Sharma

निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
Follow Us :GoogleNews