जीतू पटवारी के भतीजे ने टोल कर्मचारियों के साथ की मारपीट, मामला दर्ज

जीतू पटवारी के भतीजे ने टोल कर्मचारियों के साथ की मारपीट, मामला दर्ज

भोपाल।

कोरोना(corona) संकट और लॉकडाउन(lockdown) के बीच राउ विधायक जीतू पटवारी(jitu patwari) के भतीजे कुणाल पटवारी(kunal patwari) ने राऊ-पीथमपुर टोल नाके पर हंगामा किया। वो इतने पर ही नहीं रुके और कर्मचारियों के साथ मारपीट की। जिसके बाद पुलिस(police) ने मारपीट की धारा 323, और बलवे की धारा 147,149 के तहत उनपर केस(case) दर्ज किया है।

दरअसल राउ विधायक जीतू पटवारी के भतीजे कुणाल पटवारी ने टोल मांगने की बात पर आग बबूला हो गए। कुणाल और उनके दोस्तों ने टोल प्लाजा(toll plaza) कर्मचारियों के साथ बदतमीजी की और इसके बाद मारपीट शुरू कर दिया। टीआई दिनेश वर्मा के अनुसार घटना 4 जून की रात की है। टोल प्लाजा के मैनेजर संतोष राठौर की शिकायत पर कुणाल और उसके साथियों के खिलाफ केस दर्ज किया है। वहीँ टोल मैनेजर संतोष सिंह ने पुलिस को सीसीटीवी कैमरे(CCTV camera) के फुटेज(footage) भी दिए। जिसमें कार नंबर से उसकी पहचान हुई। पुलिस उन लोगों को तलाश कर रही है।

इधर पुलिस ने मौके पर पहुंचकर कुणाल पटवारी और उसके साथियों पर पुलिस ने मारपीट की धारा 323, और बलवे की धारा 147,149 सहित जान से मारने की धमकी और गाली गलौज का केस दर्ज किया है। खबरों की मानें तो आरोपी जीतू पटवारी का भतीजा है और पहले भी टोल पर विवाद कर चुका है। फिलहाल पुलिस आरोपियों की तलाश कर रही है

Gaurav Sharma
लेखक के बारे में
Gaurav Sharma

निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
Follow Us :GoogleNews