जूनून: पुलिसकर्मी के इस जज़्बे को सलाम, पैदल यात्रा कर 4 दिन में पहुंचा कानपुर से जबलपुर

जूनून: पुलिसकर्मी के इस जज़्बे को सलाम, पैदल यात्रा कर 4 दिन में पहुंचा कानपुर से जबलपुर

जबलपुर।

कहते हैं इंसान अगर किसी काम को करने की ठान ले तो उसके लिए कुछ भी मुश्किल नहीं है। ऐसा ही कुछ कर दिखाया है एमपी के जबलपुर थाने में पदस्थ आरक्षक आनंद पांडेय ने।आनंद ने महज 4 दिनों में 700 किलोमीटर की कानपुर से जबलपुर तक की पैदल यात्रा पूरी की और ड्यूटी आमद की।खास बात ये है कि पूरे देश में लॉक डाउन है और बस-ट्रेने बंद है , यहां तक की हवाई सेवाएं भी रद्द है। अब आनंद के इस जस्बें को जिले में हर कोई सलाम कर रहा है।

दरअसल ओमती थाने में पदस्थ आरक्षक आनंद पांडेय 20 फरवरी को अपनी पत्नी के ऑपरेशन की वजह से कानपुर अपने गांव गए हुए थे। उनके द्वारा लिए गए अवकाश की अवधि खत्म होने के तुरंत बाद देशभर में लॉक डाउन की स्थिति बन गई। जिससे आवागमन के सभी साधन बंद हो गए थे। जिसके बाद आनंद पांडे ने पैदल ही अपनी यात्रा शुरू की ताकि वह जल्द से जल्द ड्यूटी पर वापस आ सकें।

आरक्षक आनंद पांडे ने बताया कि 30 मार्च को कानपुर से वह पैदल रवाना हुए जिसके बाद वह 40 किलोमीटर पैदल चले। रास्ते में उन्होंने कई व्यक्तियों के साथ लिफ्ट ली वहीं छतरपुर बस स्टॉप पर रात भी गुजारी। जिसके बाद छतरपुर से लिफ्ट लेने के बाद वह दमोह तक पहुंचे। 31 तारीख को दमोह पहुंचकर 1 अप्रैल को पैदल वो कटनी पहुंचे। जिसके बाद एक एंबुलेंस चालक से लिफ्ट लेकर वह दमोह नाका के पास पहुंचे। जहां से पैदल वह अपने निवास पहुंचे और गुरुवार को थाने पहुंचकर ड्यूटी की आमद दी।

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