बंगाल में काफिले पर हमले के बाद कैलाश विजयवर्गीय की सुरक्षा बढ़ाई, अब बुलेट प्रूफ गाड़ी में होंगे सवार

बंगाल में काफिले पर हमले के बाद कैलाश विजयवर्गीय की सुरक्षा बढ़ाई, अब बुलेट प्रूफ गाड़ी में होंगे सवार

भोपाल, डेस्क रिपोर्ट| भारतीय जनता पार्टी (BJP) के महासचिव और पश्चिम बंगाल प्रभारी कैलाश विजयवर्गीय (Kailash Vijayvargiya) की सुरक्षा बढ़ा दी गई है| बीते दिनों पश्चिम बंगाल में बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा (JP Nadda) के काफिले पर हमला हुआ था, साथ ही कैलाश विजयवर्गीय की गाड़ी पर भी पत्थर फेंके गए थे| इसके बाद से ही उनकी सुरक्षा बढाए जाने को लेकर मांग की जा रही थी|

दरअसल, 10 दिसंबर को पश्चिम बंगाल प्रभारी कैलाश विजयवर्गीय के काफिले के वाहन पर हमला किया गया था, जब वह डायमंड हार्बर जा रहे थे। इस हमले के बाद अब कैलाश विजयवर्गीय की सुरक्षा को बुलेट प्रूफ कार (Bullet Proof Car) से अपग्रेड किया गया। उनके पास पहले से Z श्रेणी की सिक्योरिटी थी। अब उन्हें बुलेटप्रूफ गाड़ी भी मिलेगी।

कैलाश विजयवर्गीय के घायल होने के बाद सोमवार को उनकी सुरक्षा को और मजबूत कर दिया गया| उनके पास वर्तमान में जेड श्रेणी की सुरक्षा है। अब उनकी सुरक्षा में बुलेट प्रूफ कार शामिल होने से अब उनकी सुरक्षा में कोई सेंध नहीं लगा सकेगा| बता दें कि पश्चिम बंगाल में बीते दिनों जब जेपी नड्डा अपने दौरे पर गए थे, तब उनके काफिले पर हमला किया गया था| इस हमले में जेपी नड्डा सुरक्षित रहे थे, लेकिन उनकी गाड़ियों पर पत्थर फेंके गए थे| इसी दौरान कैलाश विजयवर्गीय के काफिले पर भी हमला हुआ था| विजयवर्गीय पश्चिम बंगाल चुनाव के लिए बीजेपी के प्रभारी हैं और बंगाल में कमल खिलाने पूरी ताकत से मोर्चा संभाले हुए हैं|

Gaurav Sharma
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निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
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