हाईकोर्ट की कमलनाथ सरकार को फटकार, 4 हफ्तों में मांगा जवाब

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इंदौर।
नगर पालिका चुनाव की देरी के चलते इंदौर हाईकोर्ट ने मध्यप्रदेश सरकार को फटकार लगाई है। कोर्ट ने मध्य प्रदेश चुनाव आयोग व सरकार को नोटिस जारी किया है।कोर्ट ने दो हफ्ते में चुनाव आयोग से सपथ पत्र पर जवाब देने को कहा है।अगली सुनवाई 23 मार्च को होगी।साथ ही इस याचिका में प्रदेशभर की नगर पालिकाओं में की गई प्रशासक की नियुक्तियों को भी चुनौती दी गई है।

दरअसल, इंदौर हाईकोर्ट ने आज समय पर नगरपालिका चुनाव नही कराने के खिलाफ जनहित याचिका पर सुनवाई की। यह याचिका पार्षद भारत पारख के द्वारा पूर्व उपमहाधिवक्ता पुष्यमित्र भार्गव एवं अधिवक्ता हर्षवर्धन शर्मा के माध्यम से लगाई गई है।साथ ही इस याचिका में प्रदेशभर की नगर पालिकाओं में की गई प्रशासक की नियुक्तियों को भी चुनौती दी गई है। याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ताओं ने यह तर्क रखे कि संविधान के अनुच्छेद 243 U में यह स्पष्ट प्रावधान है कि नगर पालिकाओं के चुनाव उनके कार्यकाल पूर्ण होने के पहले ही संपन्न हो जाने चाहिए लेकिन मध्य प्रदेश में कार्यकाल खत्म होने के बाद भी चुनाव आयोग द्वारा आज दिनांक तक चुनाव कार्यक्रम घोषित नहीं किया गया है, जो सीधे तौर पर संवैधानिक प्रावधानों का उल्लंघन है।

सुनवाई के दौरान मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय खंडपीठ इंदौर के द्वारा चुनाव आयोग एवं मध्य प्रदेश सरकार से 2 सप्ताह में जवाब मांगा है ।कोर्ट ने सुनवाई में कहा कि प्रदेश की नगर पालिकाओं में समय पर चुनाव क्यों नहीं हुए ।प्रकरण की सुनवाई सतीश चंद्र शर्मा एवं शैलेंद्र शुक्ला जी की खंडपीठ ने की एवं आगामी तारीख 23 मार्च तय की है।

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