कोरोना से जिंदगी की जंग हारे जस्टिस अजय त्रिपाठी, एम्स में निधन

कोरोना से जिंदगी की जंग हारे जस्टिस अजय त्रिपाठी, एम्स में निधन

नई दिल्ली।

लोकपाल के सदस्य और रिटायर्ड जस्टिस अजय कुमार त्रिपाठी कोरोना से जंग हार गए है।शनिवार रात करीब नौ बजे इलाज के दौरान उनका निधन हो गया। वे करीब एक महीने पहले कोरोना वायरस से संक्रमित पाए गए थे जिसके बाद उन्हें दिल्ली के एम्स ट्रामा सेंटर में भर्ती कराया गया था।इधर, लंदन से लौटी उनकी बेटी कोरोना पॉजिटिव मिलने के बाद ट्रामा सेंटर में भर्ती हैं।

एम्स के डॉक्टरों का कहना है कि एक लंबी लड़ाई के बाद भी वह लोकपाल सदस्य को बचा नहीं सके। सांस लेने में परेशानी के चलते उन्हें वेंटिलेटर पर रखा था लेकिन दो सप्ताह पहले हालत में सुधार होने पर वेंटिलेटर हटा लिया था लेकिन पिछले सप्ताह फिर से उन्हें वेंटिलेटर पर रखना पड़ा। इसी बीच एम्स के डॉक्टरों ने एक नई तकनीक पर काम करते हुए मरीज को प्रोन वेंटिलेटर पर रखा जिसमें मरीज को उल्टा लिटाकर वेंटिलेटर दिया जाता है। कुछ दिन के लिए डॉक्टरों की यह तरकीब काम भी कर गई लेकिन तबियत फिर खराब होने से डॉक्टर उन्हें बचाने में कामयाब नहीं हो सके।

छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्य न्यायाधीश अजय कुमार त्रिपाठी लोकपाल के न्यायिक सदस्य थे।62 वर्षीय जस्टिस त्रिपाठी ने जुलाई 2018 में छत्तीसगढ उच्चन्यायालय में मुख्य न्यायाधीश के रूप में कार्यभार संभाला था। मार्च 2019 को वे लोकपाल के चौथे सदस्य के रूप में चुने गए। वे मूल रूप से बिहार के रहने वाले थे। लोकपाल सदस्य बनने से पहले वे छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश थे। जस्टिस त्रिपाठी देश के पहले ऐसे न्यायाधीश हैं, जिनका निधन कोरोना की वजह से हुआ है।

Gaurav Sharma
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