MP में कड़ाके की ठंड, इन जिलों में शीतलहर का अलर्ट, बूंदाबांदी के भी आसार

MP में कड़ाके की ठंड, इन जिलों में शीतलहर का अलर्ट, बूंदाबांदी के भी आसार

भोपाल, डेस्क रिपोर्ट| Weather Update उत्तर भारत से आ रही सर्द हवाओं (Cold Waves) के कारण पूरे प्रदेश में कड़ाके की ठंड पड़ रही है। अधिकांश जिले शीतलहर की चपेट में हैं| सर्द हवाओं के कारण ठण्ड दिन में भी कंपकंपा रही है| अभी दो दिन तक ठंड के तेवर इसी तरह तीखे बने रहने के आसार हैं। वहीं पूर्वी मध्यप्रदेश (Eastern Madhya Pradesh) में बंगाल की खाड़ी से नमी मिलने के आसार हैं। इससे कहीं-कहीं बादल छाने के साथ ही बूंदाबांदी भी होने की संभावना है।

मौसम विभाग के मुताबिक, अगले 24 घंटे में प्रदेश के कई जिलों में शीतलहर के साथ कुछ इलाकों में हलकी वर्षा या गरज चमक के साथ बौछारे पड़ने की संभावना है| विभाग का अनुमान है कि शहडोल एवं जबलपुर संभागों के जिलों में तथा सिंगरौली जिले में कहीं कहीं हलकी बारिश हो सकती है| वहीं छतरपुर एवं धार जिले में तीव्र शीतलहर चल सकती है| प्रदेश में सबसे कम तापमान लोकप्रिय पर्यटन स्थल खजुराहो में तीन डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है। प्रदेश के 24 स्थानों पर पिछले 24 घंटों में न्यूनतम तापमान तीन से दस डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज किया गया।

रीवा, ग्वालियर एवं चम्बल संभागों के जिलों में तथा रायसेन, उमरिया, टीकमगढ़, सागर एवं रतलाम जिलों में शीतलहर चलेगी| वहीं शीतलहर के प्रभाव के कारण छतरपुर, टीकमगढ़, दमोह, सतना, मंडला, जबलपुर, राजगढ़, उज्जैन, इंदौर एवं धार जिले में कही कहीं कोल्ड डे रह सकता है| बालाघाट, छतरपुर, रीवा, सतना एवं ग्वालियर में कहीं कहीं हलके से मध्यम कोहरा नजर आ सकता है| प्रदेश में यह मौसम महीने अंत तक ऐसा ही रहने वाला है|

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पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
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