नंदी ग्राम से हारी ममता बनर्जी, बीजेपी के शुभेंदु अधिकारी ने 1953 वोटों से दी शिकस्त

नंदी ग्राम से हारी ममता बनर्जी, बीजेपी के शुभेंदु अधिकारी ने 1953 वोटों से दी शिकस्त

कोलकाता, डेस्क रिपोर्ट।  पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी (Mamata Banerjee) ने आखिरकार इस चुनाव की सबसे चर्चित सीट नंदीग्राम से हार गई है।  पुराने सहयोगी और भाजपा के उम्मीदवार शुभेंदु अधिकारी (Shubhendu Adhikari) ने उन्हें 1953 वोटों से हरा दिया है।बता दे कि बंगाल की 294 सीटों में से 292 विधानसभा सीटों पर चुनाव परिणाम आज घोषित किये जा रहे हैं।

हैरानी की बात तो ये है कि थोड़ी देर पहले खबर आ रही थी कि ममता जीत रही है और तो और पार्टी के प्रदर्शन के बाद ममता बनर्जी (Mamata Banerjee) को बधाइयाँ मिलना भी शुरू हो गई थी।यहां तक की रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने ममता बनर्जी को ट्वीट कर बधाई तक दे दी थी, लेकिन चुनाव आयोग के ऐलान के बाद टीएमसी में माहौल बदल गया है।

इधर, ममता बनर्जी की पार्टी टीएमसी (TMC) पश्चिम बंगाल में भारी जीत की तरफ बढ़ रही है रुझानों में पार्टी को पूर्ण बहुमत के आंकड़े 148 की तुलना में 209 सीटें मिलती दिखाई दे रहीं है वहीँ भाजपा (BJP)  80 सीटों के आसपास सिमटती दिखाई दे रही है।

गौरतलब है कि शुभेंदु अधिकारी ने जब ममता का साथ छोड़कर भाजपा ज्वाइन की थी और पार्टी ने उन्हें नंदीग्राम से प्रत्याशी बने था उसके बाद ममता बनर्जी (Mamata Banerjee)  ने भी नंदीग्राम से चुनाव लड़ने की घोषणा कर दी थी।  चुनाव प्रचार के दौरान शुभेंदु अधिकारी (Shubhendu Adhikari)ने 50 हजार वोटों से ज्यादा वोटों से जीतने का दावा किया था और कहा था कि यदि नहीं जीता तो राजनीति से सन्यास ले लूंगा

शिवसेना सांसद संजय राउत ने ममता बनर्जी (Mamata Banerjee) को शेरनी कहकर बधाई दी है।

Atul Saxena
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पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
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