पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी की हैट्रिक तय!, चर्चा में एक बार फिर प्रशांत किशोर

पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी की हैट्रिक तय!, चर्चा में एक बार फिर प्रशांत किशोर

कोलकाता, डेस्क रिपोर्ट। पश्चिम बंगाल में आ रहे चुनाव नतीजों के रुझान से अब ये तय माना जा रहा है कि दीदी ममता बनर्जी  (Mamta Banerjee) यहाँ हैट्रिक लगाएंगी। रुझानों के बाद जहाँ एक ओर ममता बनर्जी (Mamta Banerjee) की पार्टी टीएमसी (TMC) में ख़ुशी की लहर है तो वहीँ टीएमसी (TMC) के चुनाव रणनीतिकार प्रशांत किशोर (Prashant Kishor) की चर्चा भी जोरों पर है।

पश्चिम बंगाल में भारतीय जनता पार्टी (BJP) की चुनावी रणनीति देखकर ममता बनर्जी (Mamta Banerjee) की पार्टी टीएमसी (TMC) ने देश के जानेमाने चुनाव रणनीतिकार प्रशांत किशोर (Prashant Kishor)  को हायर किया। फिर पार्टी ने प्रशांत किशोर (Prashant Kishor) की बनाई रणनीति पर प्रचार किया जिसका नतीजा सबके सामने है।  इस समय जो रुझान आ रहे हैं उससे स्पष्ट है कि ममता बनर्जी (Mamta Banerjee) की पार्टी टीएमसी (TMC) को पूर्ण बहुमत मिलने में कोई परेशानी नहीं होगी। खबर लिखे जाने तक 292 सीटों के रुझानों में टीएमसी (TMC) 208 सीटों पर आगे चल रही है जबकि भाजपा (BJP) 80 सीटों पर आगे चल रही है, यहाँ बता दें कि पश्चिम बंगाल में सरकार बनाने के लिए पूर्ण बहुमत का आंकड़ा 148 है।

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प्रशांत किशोर एक बार फिर चर्चा में 

टीएमसी (TMC)  के रानीतिकार प्रशांत किशोर (Prashant Kishor) ने पश्चिम बंगाल में टीएमसी (TMC) की वापसी यानीं ममता बनर्जी (Mamta Banerjee) की सत्ता वापसी का दावा किया था।  प्रशांत किशोर पीके (Prashant Kishor PK)  ने टीएमसी (TMC) की जीत के साथ ये भी दवा किया था कि यदि भाजपा (BJP) 100 सीटों से ज्यादा सीटें लाती है तो वे ये काम ही छोड़ देंगे। अब तक जो रुझान सामने आ रहे हैं उससे प्रशांत किशोर (Prashant Kishor) के दोनों दावे सच होते दिखाई दे रहे हैं।

Atul Saxena
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Atul Saxena

पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
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