Covid-19 New Guidelines : गृह मंत्रालय ने जारी की कोरोना की नई गाइडलाइन, जानें नए नियम

Covid-19 New Guidelines : गृह मंत्रालय ने जारी की कोरोना की नई गाइडलाइन, जानें नए नियम

नई दिल्ली, डेस्क रिपोर्ट| देश भर में कोरोना (Corona) के बढ़ते संक्रमण के बीच केंद्र सरकार ने नई गाइडलाइन (New Guideline) जारी कर दी है| केंद्रीय गृह मंत्रालय (Ministry of Home Affairs) की तरफ से यह गाइडलाइन 1 दिसंबर से साल के अंत 31 दिसंबर 2020 तक के लिए जारी की गई है| सरकार की नई गाइडलाइंस के मुताबिक, कंटेनमेंट जोन में सख्ती जारी रहेगी| वहीं, 65 साल से ज्यादा आयु के व्यक्तियों और 10 साल से कम उम्र के बच्चों को घर में रहने की सलाह दी गई है|

इसमें कहा गया है कि राज्य और केन्द्र शासित प्रदेशों को कंटेनमेंट जोन में कड़ाई के साथ नियमों को लागू करना होगा| इसके साथ ही, कई अन्य गतिविधियों के लिए स्टैंडर्ड ऑफ प्रोटोकॉल्स जारी किए गए हैं| गृह मंत्रालय ने कहा कि कंटेनमेंट जोन में सिर्फ आवश्यक गतिविधियों की ही इजाजत दी जाएगी| स्थानीय जिला, पुलिस और नगरपालिका अधिकारी यह सुनिश्चित करने के लिए जिम्मेदार होंगे कि निर्धारित कंटेनमेंट उपायों का कड़ाई से पालन किया जाए। राज्य / केन्द्र शासित प्रदेश सरकार संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही सुनिश्चित करेंगे।

केंद्र सरकार द्वारा जारी गाइडलाइन में भी सिनेमा हॉल्स, स्विमिंग पूल को लेकर पाबंदियां जारी हैं| सिनेमा हॉल 50 प्रतिशत दर्शक क्षमता के साथ चलेंगे| वहीं, धार्मिक, सामाजिक कार्यक्रमों में 200 से ज्यादा लोग शामिल नहीं हो सकते| वहीं राज्य सरकारें चाहें तो इस संख्या को 100 या उससे भी कम पर सीमित कर सकते हैं|

गृह मंत्रालय की तरफ से कहा गया है कि सर्विलांस टीम घर-घर जाकर सर्विलांस करेगी और कोविड-19 मरीजों का उपचार सुविधाओं के साथ फौरन आइसोलेशन सुनिश्चित की जाएगी| केन्द्र सरकार ने राज्य सरकारों को कोरोना महामारी की रोकथाम के लिए स्थानीय स्तर पर नाइट कर्फ्यू समेत प्रतिबंधों को लगाने की इजाजत दे दी है| हालांकि, राज्यों की तरफ से बिना केन्द्र सरकार की सलाह-मशविरा के कंटेनमेंट जोन के बाहर स्थानीय लॉकडाउन लगाने की इजाजत नहीं होगी. राज्य से यह भी कहा गया है कि वे कार्यस्थलों पर सोशल डिस्टेंसिंग सुनिश्चित कराएं|

– राज्यों को कंटेनमेंट जोन में नियमों का सख्ती से पालन कराना होगा। सर्विलांस सिस्टम को मजबूत करना होगा।
– जिला प्रशासन को केंद्र सरकार की ओर से जारी गाइडलाइंस का पालन कराना होगा।
– राज्यों को छूट दी गई है कि वे स्थिति को देखते हुए पाबंदियां लगा सकते हैं।
– कंटेनमेंट जोन की लिस्ट वेबसाइट पर अपलोड करनी होगी। इसे हेल्थ मिनिस्ट्री से भी शेयर करना होगा।
– कंटेनमेंट जोन में सख्ती बरतते हुए लोगों की आवाजाही पर रोक लगानी होगी। सिर्फ जरूरी चीजों और मेडिकल जरूरतों के लिए छूट मिलेगी।
– सर्विलांस टीम घर-घर जाकर कोरोना के लक्षण वालों की पहचान करेगी। प्रोटोकाल के हिसाब से टेस्टिंग कराई जाए।
– संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आने वाले लोगों की लिस्ट बने। उनकी पहचान कर ट्रैक किया जाए और क्वारंटाइन किया जाए।
– संक्रमित व्यक्ति का तुरंत इलाज शुरू किया जाए। उसे होम आइसोलेशन में रखा जाए। जरूरत होने पर अस्पताल में भर्ती किया जाए।

-कंटेनर गतिविधियों के बाहर सभी गतिविधियों की अनुमति दी गई है, केवल निम्न को छोड़कर, जिन्हें कुछ प्रतिबंधों के साथ अनुमति दी गई है:

-यात्रियों की अंतर्राष्ट्रीय हवाई यात्रा, जैसा कि एमएचए द्वारा अनुमत है।

-सिनेमा हॉल और सिनेमाघर, 50 प्रतिशत तक की क्षमता वाले।

-स्विमिंग पूल, केवल खेल व्यक्तियों के प्रशिक्षण के लिए।

-प्रदर्शनी हॉल, केवल व्यापार से व्यवसाय के लिए (बी 2 बी) प्रयोजनों के लिए।

-सामाजिक / धार्मिक / खेल / मनोरंजन / शैक्षिक / सांस्कृतिक / धार्मिक सभा, हॉल की क्षमता का अधिकतम 50 प्रतिशत, बंद स्थानों में 200 व्यक्तियों की छत के साथ; और खुले स्थानों में, मैदान / स्थान के आकार को ध्यान में रखते हुए। हालांकि, स्थिति के उनके आकलन के आधार पर, राज्य / केंद्रशासित प्रदेश बंद स्थानों में 100 व्यक्तियों या उससे कम छत को कम कर सकते हैं।

Gaurav Sharma
लेखक के बारे में
Gaurav Sharma

निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
Follow Us :GoogleNews