बुधवार से प्रदेश में BJP किसान मोर्चा चलाएगा ‘जन जागरण अभियान’

बुधवार से प्रदेश में BJP किसान मोर्चा चलाएगा ‘जन जागरण अभियान’

भोपाल।

कोरोना संकटकाल (Corona crisis) के बीच मध्यप्रदेश (madhypradesh) में बीजेपी (bjp) किसान मोर्चा जन जागरण अभियान (Kisan Morcha Jan Jagran Abhiyan) चलाने जा रही है।इस अभियान की शुरूआत 13 मई से होगी। जिसके ​जरिए बीजेपी 1,000 खरीदी केंद्रों पर जाकर किसानों(farmers) को कोरोना से बचाव की जानकारी देंगे। सुत्रों की माने तो उपचुनाव (by election)को लेकर बीजेपी का यह दांव है। उपचुनाव से पहले बीजेपी किसानों को साधने की तैयारी में है ,इसी के लिए अभियान का सहारा ले रही है।

दरअसल, गेहूं के समर्थन मूल्य पर खरीदी(Wheat purchased on support price) के साथ साथ अब अन्य उपज की नीलामी भी जिले की प्रमुख मंडियों में शुरू होने जा रही है। इसी को ध्यान में रखते हुए भाजपा का किसान मोर्चा भी सक्रिय होने वाला है। बुधवार से तीन प्रमुख बिंदुओं को लेकर किसान मोर्चा के पदाधिकारी अन्नदाता के बीच जाने वाले है। इसमे किसानों को कोरोना से बचाने के लिए तीन मुख्य बिंदुओं पर ध्यान देने को कहा जाएगा। इसके लिए जिले स्तर पर किसान मोर्चा ने तैयारी शुरू कर दी है। गेहूं उपार्जन केंद्रों पर एवं अनाज मंडियों में एक स्थान पर कोरोना के बचाव के लिए जन जागरण अभियान चलाया जाएगा। यहॉं पर किसानों को सुरक्षा हेतु गमछा एवं हाथ के सैनेटाइजर या साबुन व रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए चिरकुटा चूर्ण का वितरण किया जाएगा।

Gaurav Sharma
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निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
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