MP Board: 12वीं की परीक्षा से पहले मंडल ने जारी किए ये निर्देश

MP Board: 12वीं की परीक्षा से पहले मंडल ने जारी किए ये निर्देश

भोपाल।
कोरोना वायरस (Corona Virus) के संक्रमण के चलते स्थगित हुई एमपी बोर्ड (MP Board) की 12वीं की बची परीक्षाएं 9 जून से शुरू होने वाली है जो 15 जून तक चलेंगी।कोरोना को देखते हुए परीक्षा में विशेष सावधानियां बरती जा रही है।इसी कड़ी में मंडल ने एक और फैसला किया है जिसके तहत पालक को यह सुनिश्चित करना होगा कि उनके बच्चे बीमार नहीं हैं, तभी वे सबके साथ बैठकर परीक्षा दे सकेंगे। अगर किसी विद्यार्थी को बुखार, सर्दी-खांसी है तो उसके लिए अलग कक्ष में बैठने की व्यवस्था की जाएगी।

दरअसल, प्रदेश में लगातार बढ़ते कोरोना वायरस को देखते हुए स्कूल शिक्षा की प्रमुख सचिव रश्मि अरुण शमी (Principal Secretary of School Education Rashmi Arun Shami) ने मंडल के अधिकारियों की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग (video conferencing) कर परीक्षा केंद्रों (Examination Centers) की व्यवस्था को लेकर जरूरी निर्देश दिए हैं।जिसके तहत अभिभावकों (Parents)को सुनिश्चित करना होगा कि उनका बच्चा बीमार नहीं है, तभी वे परीक्षा केंद्र पर भेजेंगे। अगर किसी विद्यार्थी को बुखार, सर्दी-खांसी है तो उसके अभिभावक को बताना होगा, जिससे उसके लिए अलग कक्ष में बैठने की व्यवस्था की जाएगी।इसके अलावा बच्चों को मास्क पहनना होगा और अपने साथ पानी की बोतल भी लानी होगी।वही परीक्षा कक्ष में सुरक्षित शारीरिक दूरी का पालन हो और प्रत्येक बच्चे के हाथ सैनिटाइज कराए जाएं। साथ ही उनकी स्क्रीनिंग भी की जाए।

जो जिस जिले में है वही से दे सकेंगे परीक्षा
इसके अलावा एमपी बोर्ड (MP Board) ने छात्रों के लिए सुविधा दी है कि जो भी परीक्षार्थी लॉकडाउन (Lockdown) में जिस भी जिले में है उसी जिले में परीक्षा दे सकेंगे। ऑनलाइन आवेदन की सुविधा जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय जिले की समन्वयक संस्था, मंडल के संभागीय कार्यालयों के माध्यम से भी छात्र छात्राओं के लिए उपलब्ध कराई जाएगी। परीक्षार्थी को जिला परिवर्तन करने की स्थिति में नवीन चयनित जिले के जिला मुख्यालय पर परीक्षा केंद्र आवंटित किया जाएगा| जिले के अंदर केंद्र परिवर्तन मान्य नहीं होगा।

परीक्षा कक्ष के लिए जरूरी निर्देश
परीक्षा केंद्र पर सभी छात्रों को अपने नाक मुंह पर नकाब/कपड़े से ढँक कर रखना एवं फिजिकल डिस्टेंस नियमों का पालन सुनिश्चित करना अनिवार्य होगा।अभिभावक अपने बच्चों को कोविड-19 के संक्रमण से बचने के लिए उनके द्वारा बरती जाने वाली सावधानियों के बारे में जानकारी देंगे तथा यह भी सुनिश्चित करेंगे कि उनके बच्चे बीमार नहीं हो।परीक्षा केंद्रों पर उपस्थित होने के दौरान जारी किए गए सभी निर्देशों का कड़ाई से पालन किया जाएगा

बता दे कि माध्यमिक शिक्षा मंडल भोपाल ( (Board of Secondary Education))द्वारा मार्च माह में हायर सेकेण्डरी की परीक्षाएं आयोजित की थीं, लेकिन परीक्षाओं के दौरान ही प्रदेश में कोरोना संक्रमण फैल गया, जिसके चलते जो परीक्षाएं हो चुकी थीं, उन्हें छोड़ कर शेष परीक्षाओं का आयोजन स्थगित कर दिया गया था।

12वीं का टाईमटेबल

9 जून – प्रथम पाली (9 से 12 बजे) में केमिस्ट्री, द्वितीय पाली (2 से 5 बजे) में भूगोल
10 जून – प्रथम पाली (9 से 12 बजे) में बुक कीपिंग एंड एकाउंटेंसी प्रथम प्रश्न पत्र, द्वितीय पाली (2 से 5 बजे) में वोकेशनल कोर्स
11 जून – प्रथम पाली (9 से 12 बजे) में जीव विज्ञान
12 जून – प्रथम पाली (9 से 12 बजे) में व्यवसायिक अर्थशास्त्र, द्वितीय पाली (2 से 5 बजे) में एनिमल हस्बेण्ड्री मिल्कट्रेड पोल्ट्री फार्मिंग एंड फिसरीज
13 जून – प्रथम पाली (9 से 12 बजे) में राजनीति शास्त्र शरीर रचना क्रिया-विज्ञान एवं स्वास्थ्य, द्वितीय पाली (2 से 5 बजे) में स्टिल लाइफ एंड डिजाइन, द्वितीय प्रश्नपत्र वोकेशनल कोर्स
15 जून – प्रथम पाली (9 से 12 बजे) में हायर मेथेमेटिक्स विज्ञान के तत्व, द्वितीय पाली (2 से 5 बजे) में भारतीय कला का इतिहास, तृतीय प्रश्नपत्र वोकेशनल कोर्स
16 जून – प्रथम पाली (9 से 12 बजे) में अर्थशास्त्र क्रॉप प्रोडक्शन एंड हर्टिकल्चर

Gaurav Sharma
लेखक के बारे में
Gaurav Sharma

निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
Follow Us :GoogleNews