Bhopal Corona: बढ़ते संक्रमण के बीच जिला कलेक्टर का नया प्रयोग, सख़्ती बढ़ाने के निर्णय

Bhopal Corona: बढ़ते संक्रमण के बीच जिला कलेक्टर का नया प्रयोग, सख़्ती बढ़ाने के निर्णय

भोपाल।

मध्यप्रदेश में लगातार संक्रमण के मामले सामने आ रहे हैं। रोजाना 100 से ऊपर मामले आने से जहां एक तरफ जिले के अंदर रहवासियों में डर का माहौल है। वहीं दूसरी तरफ प्रशासन अलर्ट मोड में आ गया है। भोपाल कलेक्टर खुद मोर्चा संभाले हुए हैं। वही संक्रमण के बढ़ती संख्या को देखते हुए अब कलेक्टर अविनाश लवानिया ने जिले में पहले से ज्यादा सख़्ती करने का निर्णय लिया है। आज बढ़ते हुए कोरोना संक्रमण पर बोलते हुए जिला कलेक्टर अविनाश लवानिया ने कहा कि हमें जल्द से जल्द कोरोना संक्रमण के इस बढ़ते चेन को तोड़ना होगा। जिसके लिए अब प्रशासन द्वारा नए प्रयोग किए जाएंगे।

दरअसल मंगलवार को मीडिया से बात करते हुए कलेक्टर लवानिया ने कहा कि संक्रमण की चेन को तोड़ने के लिए अब संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आए लोगों को क्वॉरेंटाइन होना जरूरी होगा। जिसके लिए प्रशासन द्वारा जिले के कुछ होटलों को क्वॉरेंटाइन सेंटर में बदला गया है। अब इन्हीं होटलों में संक्रमित मरीजों के संपर्क में आए लोगों को क्वॉरेंटाइन किया जाएगा। वही कुछ होटलों में पेड क्वॉरेंटाइन सेंटर की भी व्यवस्था प्रशासन द्वारा की गई है। इसका चयन लोगों के स्वयं के सुविधा पर निर्भर होगा।संक्रमित मरीजों के संपर्क में आए लोग अपनी सुविधानुसार निजी होटल में क्वॉरेंटाइन हो सकते हैं। इसके लिए होटल के किराए का भुगतान उन्हें होटल को ही करना होगा। कलेक्टर ने यह भी कहा कि लोग होटलों की सूची एसडीएम से संपर्क कर प्राप्त कर सकते हैं।

बता दें कि पिछले दिनों आरजीपीवी के क्वॉरेंटाइन सेंटर में खाने को लेकर लोगों द्वारा हंगामा मचाया गया था। जहां लोगों ने अपने पसंद के खाने ना मिलने के बाद जमकर हंगामा किया था। इसी को देखते हुए अब कलेक्टर द्वारा यह फैसला लिया गया है। प्रदेश में 10 दिन के सख्त लॉकडाउन की घोषणा जिला कलेक्टर अविनाश लवानिया पहले ही कर चुके हैं। वही वह हर मौके पर अपनी नजर बनाए हुए हैं। इधर सोमवार को भोपाल में 177 नए मरीजों की पुष्टि के बाद आज मंगलवार को 199 नए मरीजों के पॉजिटिव होने की रिपोर्ट सामने आई है। वहीं प्रशासन द्वारा चप्पे-चप्पे पर कड़ी निगरानी की जा रही है। किसी को भी सड़क पर बेवजह घूमने की इजाजत नहीं है। आवश्यक वस्तुओं की पूर्ति भी प्रशासन द्वारा रहवासियों को करवाई जा रही है। जिला प्रशासन ड्रोन के माध्यम से शहर के चप्पे-चप्पे पर अपनी नजर गड़ाए हुए हैं।

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