
नई दिल्ली, डेस्क रिपोर्ट। राजधानी दिल्ली (Delhi) में जहां एक तरफ कोरोना (Corona) ने तांडव मचा रखा है तो वहीं दूसरी तरफ केंद्र सरकार (Central Government) ने दिल्ली को लेकर एक और बड़ा और अहम फैसला सुना दिया है। केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली कानून (विशेष प्रावधान) दूसरा ( संशोधन) कानून, 2021 को मंजूरी दे दी है। GNCT एक्ट में संशोधन कर LG को अधिकार मिले हैं। इसे लेकर अधिसूचना जारी कर दी गई है। इस फैसले के बाद अब से दिल्ली के उपराज्यपाल को सरकार (Lieutenant Governor) का दर्जा होगा। सीधे शब्दों में कहा जाए तो अब से दिल्ली के सभी बड़े फैसले उपराज्यपाल की अनुमति के बगैर नहीं लिए जा सकेंगे। अब से दिल्ली विधानसभा (Vidhan Sabha) में सरकार का आशय राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली के उपराज्यपाल से होगा। इस संबंध में धारा 21 में एक उपधारा जोड़ी गयी है।
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दोनों सदनों में पास होने के लिए इस नए बिल पर कानून बन चुका है। इसके बाद बुधवार से ही दिल्ली में सत्ता संभाल रही केजरीवाल की आम आदमी पार्टी को कुछ मामलों में राज्यपाल से मंजूरी लेनी होगी। कानून में संशोधन के बाद अब से विधायिका से जुड़े फैसलों पर दिल्ली सरकार को 15 दिन पहले और प्रशासनिक मामलों में 7 दिन पहले राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली के उपराज्यपाल से अनुमति लेनी होगी।
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दिल्ली राष्ट्रीय राजधानी राज्यक्षेत्र शासन अधिनियम, 1991 में संशोधन के लिए काफी समय से मोदी सरकार द्वारा प्रस्तावित दिल्ली राष्ट्रीय राजधानी राज्यक्षेत्र शासन (संशोधन) अधिनियम 2021 पर विचार किया जा रहा था। इसी के साथ पिछले महीने दिल्ली राष्ट्रीय राजधानी राज्यक्षेत्र शासन संशोधन विधेयक 2021 लोकसभा के बाद राज्यसभा में भी पारित हो गया था। लेकिन विपक्षी दलों को ये बात रास नहीं आई थी और इस विधेयक का पुरजोर विरोध किया गया था। लेकिन अब केंद्र सरकार ने अंततः इसे मंजूरी दे दी है।
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