अब छात्रों को लेकर दिग्विजय ने शाह से की ये मांग

अब छात्रों को लेकर दिग्विजय ने शाह से की ये मांग

भोपाल।
मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने देश के गृहमंत्री अमित शाह को पत्र लिखा है। इसमें उन्होंने मांग की है कि जिस प्रकार काशी से दक्षिण भारत के 1000 तीर्थयात्रियों को तथा राजस्थान के कोटा से उत्तप्रदेश और मध्यप्रदेश के हजारों छात्रों को उनके राज्यों तक भेजने की अनुमति और प्रबंध किये गये है उसी प्रकार भोपाल में फॅसे जम्मू एण्ड कश्मीर के इन छात्रों को भी उनके राज्य में वापस भेजने की अनुमति देने और दोनों राज्यों से समन्वय स्थापित करके इन्हे वापस जम्मू एण्ड कश्मीर में भिजवाने की व्यवस्था करने के लिए आवश्यक कदम उठाएं।

पत्र में दिग्विजय ने लिखा है कि कोरोना महामारी के कारण लाॅकडाउन के परिणामस्वरूप देश के अनेक हिस्सों में कई छात्र फॅसे हुये है। राजस्थान के कोटा में फॅसे उत्तरप्रदेश के 3000 छात्रों को उत्तरप्रदेश सरकार द्वारा 100 बसें भेजकर दिनांक 18.04.2020 को वापस बुला लिया गया है तथा शेष  7000 छात्रों को भी उत्तरप्रदेश सरकार कोटा से वापस लाने का प्रबंध कर रही है। मध्यप्रदेश सरकार द्वारा भी राज्य के लगभग 2500 छात्रों को 100 बसों द्वारा कोटा से मध्यप्रदेश लाने की व्यवस्था की जा रही है। हाल ही में उत्तरप्रदेश के वाराणसी से 1000 तीर्थ यात्रियों को भी दक्षिण भारत के राज्यों में उनके घर भिजवाने की व्यवस्थाएं उत्तरप्रदेश सरकार द्वारा की गई है।

मैं इस पत्र के साथ जम्मू एण्ड कश्मीर के लगभग 135 छात्र-छात्राओं की सूची प्रेषित कर रहा हूॅ। ये सभी भोपाल स्थित बरकतउल्ला विश्वद्यालय और आर.के.डी.एफ. विश्वविद्यालय में अध्ययन/शोध कर रहे छात्र-छात्राएं है जो लाॅकडाउन के कारण भोपाल में फॅसे हुये है। इनमें से अधिकांश छात्र-छात्राएं मुस्लिम है। आगामी दिनांक 23 अप्रैल से रमजान का पवित्र महीना शुरू होने जा रहा है। ये सभी विद्यार्थी जम्मू एण्ड कश्मीर स्थित अपने घर जाना चाहते है। लाॅकडाउन के कारण सभी शैक्षणिक संस्थान बंद है और इन्हे यहाॅ काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। जम्मू एण्ड कश्मीर में निवासरत इनके माता-पिता अपने बच्चों को लेकर काफी परेशान एवं चिन्तित है।इन छात्र-छात्राओं को जम्मू एण्ड कश्मीर में ले जाकर निर्धारित प्रोटोकाॅल के मुताबिक क्वारंटीन किया जा सकता है ताकि वे अपने घर भी पहुॅंच जाये और महामारी को फैलने से भी बचाया जा सके।

Gaurav Sharma
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