प्यारे मियां केस : नींद की गोलियां खाने वाली नाबालिग सोई मौत की नींद, प्रबंधन पर लगे ये आरोप

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भोपाल,डेस्क रिपोर्ट।  मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल (Bhopal) के बहुचर्चित प्यारे मियां केस (Pyare Miyan Case) में 3 दिन पहले एक नाबालिग (Minor) द्वारा नींद की गोलियां खाकर आत्महत्या (suicide) का प्रयास करने वाली बच्ची की हमीदिया अस्पताल (Hamidia Hospital) में मौत (Death) हो गई है। मृतिका ने 3 दिन पहले नींद की गोलियां खाई थी। नाबालिग ने क्यों नींद की गोलियां खाई इसके पीछे का कारण अभी तक पता नहीं चल पाया है।

साथ ही बालिका गृह प्रबंधन अब कई सवालों के घेरे में आ गया है। कैसे एक नाबालिग के पास इतनी संख्या में नींद की गोलियां (Sleeping pills) पहुंची। किस वजह से नाबालिग ने आत्महत्या करने की कोशिश की। शासकीय बालिका गृह की अधीक्षका  अंतोनिया कुजूर इक्का पर प्रताड़ना का आरोप लगा था, जिसके बाद उन्हें हटा दिया गया है। बच्ची ने बीती रात 10:00 बजे हमीदिया अस्पताल में इलाज के दौरान अपना दम तोड़ दिया।

बता दें कि मृतका प्यारे मियां केस में पांच नाबालिगों के साथ हुए यौन शोषण मामले में से एक थी, जिसे बालिका गृह में रखा गया था। प्यारे मियां (Pyare Miyan) के खिलाफ कई अपराध में मामले दर्ज है और वह अभी जेल में सजा काट रहा है। बच्चियों के साथ हुए यौन शोषण के मामले में पोक्सो कोर्ट में केस चलने के चलते नाबालिगों को बालिका गृह में रखा गया था, जहां से वह कई बार अपने घर जाने की जिद कर रही थी।

3 दिन पहले एक नाबालिग (Minor) द्वारा नींद की गोलियां खा ली गई, जिसके कारण उसे संदिग्ध हालत में सोमवार रात हमीदिया अस्पताल (Hamidia Hospital) लाया गया, जहां उसे वेंटिलेटर पर रखा गया था। नाबालिग की हालत के बारे में पता चलते ही उसके परिजन भी तुरंत अस्पताल पहुंच गए, जहां उन्होंने बालिका गृह पर लापरवाही के आरोप लगाए थे।

नाबालिग द्वारा खाई गई नींद की गोलियों के मामले को गंभीरता से लेते हुए मंगलवार को जिला कलेक्टर अविनाश लवानिया ने जांच के आदेश दिए थे। पूरे मामले की जांच राजधानी की कमला नगर थाना पुलिस कर रही थी। जांच में एक अन्य नाबालिग लड़की का बयान भी लिए गया, जिसके बाद उसकी भी तबीयत खराब हो गई, जिसे जेपी अस्पताल लाया गया। भर्ती करने के तीन 3 घंटे बाद नाबालिग को डिस्चार्ज कर दिया गया।

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