उपचुनाव की जीत के बाद पहली बार भोपाल पहुंचे सिंधिया, मंत्रिमंडल विस्तार पर कही यह बात

उपचुनाव की जीत के बाद पहली बार भोपाल पहुंचे सिंधिया, मंत्रिमंडल विस्तार पर कही यह बात

भोपाल, डेस्क रिपोर्ट| उपचुनाव (Byelection) में मिली जीत के बाद राज्यसभा सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया (Jyotiraditya Scindia) गुरूवार दोपहर को भोपाल (Bhopal) पहुंचे| एयरपोर्ट में बड़ी संख्या में बीजेपी समर्थकों ने सिंधिया का स्वागत किया। इस दौरान सिंधिया ने चुनाव परिणाम पर कहा है कि मैंने पहले ही कहा था कि जनता कांग्रेस (Congress) को जवाब देगी। वैसा ही हुआ, जनता ने कांग्रेस को अच्छी तरह से जवाब दे दिया।

सिंधिया भोपाल दौरे पर है, वे पूर्व सांसद कैलाश सारंग के निधन पर शोक संवेदना व्यक्त करने के लिए चिकित्सा शिक्षा मंत्री विश्वास सारंग के निवास पर भी जाएंगे। इसके साथ ही सीएम हाउस में देर शाम महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की जाएगी, इस बैठक में भी सिंधिया शामिल हो सकते हैं| वहीं भाजपा प्रदेश स्तरीय प्रशिक्षण शिविर आज से शुरु हो गया है। बीजेपी मुख्यालय में प्रदेश स्तरीय प्रशिक्षण शिविर में पदाधिकारियों को ट्रेनिंग दी जा रही है। इसमें ज्योतिरादित्य सिंधिया शामिल हो सकते हैं|

कुछ सीटों पर मिली हार और हारे हुए मंत्रियों को एडजस्ट करने के सवाल पर सिंधिया ने कहा कहा कि हम जल्द ही हार की समीक्षा करने वाले हैं। जो भी हारे हैं उन पर जरूर चर्चा होगी। सिंधिया ने कहा कि सीएम से हारे हुए मंत्रियों की चर्चा हो चुकी है। मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर सिंधिया ने कहा कि मुख्यमंत्री शिवराज इस पर सही समय में फैसला लेंगे। वहीं निगम मंडल में हारे हुए मंत्रियों को एडजस्ट करने पर सिंधिया ने कहा कि ये संगठन तय करेगा, जिसने मेहनत की है उसे पार्टी हमेशा आगे करती है।

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पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
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