बीजेपी के प्रशिक्षण शिविर में कार्यकर्ताओं के बीच कार्यकर्ता बनकर बैठे शिवराज, कही यह बात

बीजेपी के प्रशिक्षण शिविर में कार्यकर्ताओं के बीच कार्यकर्ता बनकर बैठे शिवराज, कही यह बात

भोपाल, डेस्क रिपोर्ट| मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान (Shivraj Singh Chauhan) आज राजधानी भोपाल (Bhopal) के टीटी नगर मंडल में आयोजित बीजेपी के प्रशिक्षण शिविर (BJP Training Camp) में शामिल हुए| लेकिन सीएम शिवराज मंच पर जाने के बजाय कार्यकर्ताओं के बीच एक सामान्य कार्यकर्ता बनकर बैठे और ट्रेनिंग ली| इस दौरान मंच से बताई गई बातों को शिवराज (Shivraj) ने न सिर्फ सुना बल्कि डायरी में नोट भी किया। मुख्यमंत्री यहां करीब 30 मिनट रुके।

प्रशिक्षण लेने के बाद मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मीडिया से चर्चा में कहा कि यह भाजपा के प्रशिक्षण वर्ग में पार्टी का प्रत्येक कार्यकर्ता भाग लेता है, चाहे वह किसी भी पद पर क्यों न हो। मैंने आज एक सामान्य कार्यकर्ता के नाते प्रशिक्षण प्राप्त करने टीटी नगर मण्डल के प्रशिक्षण वर्ग में भाग लिया। उन्होंने कहा हम सबमे से कोई भी कुछ भी हो, लेकिन पहले एक कार्यकर्ता है| मुख्यमंत्री हो या प्रदेश अध्यक्ष, सभी पहले पार्टी के कार्यकर्ता हैं। सीएम होने के यह मतलब नहीं कि केवल भाषण देना है। मैं इस मंडल के प्रशिक्षण में इसलिए शामिल हुआ, क्योंकि मेरा निवास इस क्षेत्र में आता है।

कांग्रेस किसानों को भ्रमित न करे
कृषि कानून को लेकर मुख्यमंत्री ने कहा तीनोंकृषि कानून किसानों के हित में हैं। कल कांग्रेस के रणदीप सुरजेवाला जी ने ट्वीट किया कि मध्यप्रदेश में किसान परेशान हैं। कांग्रेस के मित्र कब तक पाखंड करेंगे, कब तक झूठ बोलेंगे| हमने मध्यप्रदेश में मंडी शुल्क को 2 रुपये से घटाकर 50 पैसे किया है, नये कृषि कानूनों का किसानों को लाभ मिल रहा है। दिल्ली की कंपनी ने पिपरिया के किसानों से 3 हजार रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदी का अनुबंध किया था। कंपनी ने बाद में खरीदी में आनाकानी की, तो एसडीएम ने कार्रवाई की और किसानों को न्याय मिला। अलग अलग जिलों से ऐसे मामले सामने आ रहे हैं, जहां किसानों को न्याय मिल रहा है, कांग्रेस लोगों को भ्रमित न करे।

माफिया प्रदेश छोड़ दें यां परिणाम भुगतने तैयार रहे
सीएम शिवराज ने कहा मध्यप्रदेश में चाहे ड्रग माफिया, भू-माफिया या अवैध काम करने वाले कोई भी हों, उन्हें किसी भी कीमत पर हम नहीं छोड़ेंगे। कानूनी कार्रवाई होगी और आर्थिक कमर भी तोड़ दी जायेगी। लगातार कार्रवाई हो रही है। माफिया मध्यप्रदेश छोड़ दें, नहीं तो परिणाम भुगतने के लिए तैयार रहें।

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निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
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