प्रदेश के कर्मचारियों को बड़ा तोहफ़ा देंगे शिवराज

प्रदेश के कर्मचारियों को बड़ा तोहफ़ा देंगे शिवराज

भोपाल।शरद व्यास

उपचुनाव(by election) को देखते हुए वहीं कोरोना(corona) महामारी के बीच आर्थिक संकट के दौर में भी शिवराज लेने के मूड़ में नजर आ रही है।

शिवराज(shivraj singh chauhan) सरकार ने उपचुनाव के चलते जुलाई 2020 से लगभग 10 लाख कर्मचारियों को सालाना वेतनवृद्धि देने का प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है। जो जल्दी ही मुख्यमंत्री की टेबल पर होगा। इसमे एक जुलाई से करीब 3 फीसदी के हिसाब से कर्मचारियों को वेतनवृद्धि देने का ऐलान किया जा सकता है। वहीं वेतनवृद्धि के प्रस्ताव को मंजूरी के लिए आगे बढ़ा दिया गया है।

दरअसल बीते समय मे कोरोना संकट को देखते हुए कर्मचारियों को सातवें वेतनमान की तीसरी और अंतिम किस्त का एरियर देने पर सरकार ने रोक लगा रखी है। जिसके चलते 5 फीसदी महंगाई भत्ता बढ़ाने का भी निर्णय वापस ले लिया गया था। जिसके बाद कर्मचारियों ने अपनी नाराजगी भी जाहिर की थी। लेकिन अब उपचुनाव से पहले भाजपा किसी भी तरह से कर्मचारियों की इस नाराजगी को दूर करना चाहती है। यही वजह है कि वेतनवृद्धि के जरिए नाराज कर्मचारियों को खुश करने की कवायद हो रही है।

इस निर्णय से शिवराज सरकार पर सालाना 540 करोड़ रुपए का अतिरिक्त वित्तीय भार पड़ेगा। फिलहाल हर साल करीब 20 हज़ार करोड़ रुपए वेतन भत्तों में खर्च होते हैं। इस हिसाब से सालाना वेतनवृद्धि के बाद जुलाई से मार्च तक इस पर करीब 540 करोड़ रुपए अतिरिक्त खर्च करने होंगे।

Gaurav Sharma
लेखक के बारे में
Gaurav Sharma

निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
Follow Us :GoogleNews