व्यथित हुए मध्य प्रदेश के परिवहन मंत्री, अंतरात्मा की आवाज पर लिया यह बड़ा निर्णय

व्यथित हुए मध्य प्रदेश के परिवहन मंत्री, अंतरात्मा की आवाज पर लिया यह बड़ा निर्णय

भोपाल, डेस्क रिपोर्ट। मध्यप्रदेश में सीधी (Sidhi)में नहर बस हादसे के बाद मध्य प्रदेश के राजस्व एवं परिवहन मंत्री गोविंद सिंह राजपूत (Govind Singh Rajput) जिस तरह से कांग्रेस (Congress) के निशाने पर हैं, उससे भी बेहद आहत हैं। दरअसल सीधी हादसे के बाद उनका एक फोटो कांग्रेस ने वायरल किया था जिसमें वह मंत्री अरविंद भदौरिया (Arvind Bhadauriya) के यहां एक कार्यक्रम में भोजन करते हुए दिखाई दे रहे थे।

दरअसल मंत्री अरविंद भदौरिया (Arvind Bhadauriya) ने एक बसंत पंचमी पर पूजा व भोज रखा था जिसमें प्रदेश के कई मंत्रियों के साथ-साथ पत्रकारगण भी आमंत्रित थे। कांग्रेस (Congress) ने इस फोटो के आधार पर परिवहन मंत्री पर संवेदनहीन होने का आरोप लगाया था और इस्तीफे की मांग की थी। हालांकि खुद परिवहन मंत्री ने कहा था कि वे इस पूरी घटना से बेहद व्यथित हैं और क्योंकि अरविंद भदौरिया (Arvind Bhadauriya) के यहा एक सामान्य पूजन कार्यक्रम था इसलिए वहां गए थे ।लेकिन उसके बाद भी कांग्रेस (Congress) लगातार उन पर वार करती रही और रविवार को मंत्री गोविंद राजपूत ने एक बड़ी घोषणा की। उन्होंने कहा कि सीधी का हादसा बेहद दुखद और दिल को दहला देने वाला घटना क्रम था,वे हादसे में काफी व्यथित हैं और परिवहन मंत्री होने के नाते वह यह मानते हैं कि किसी भी तरह की कोई ऐसी कमी परिवहन विभाग में ना रहे ताकि ऐसे हादसों की पुनरावृत्ति हो सके।

परिवहन मंत्री ने यह भी कहा कि क्योंकि कांग्रेस ने इस पूरी घटना को लेकर जिस तरह की ओछी मानसिकता का परिचय दिया है और उनके ऊपर इस तरह के आरोप लगाए हैं, वे संकल्प लेते हैं कि अब किसी भी सार्वजनिक कार्यक्रम में एक साल तक भी भोजन नहीं करेंगे। परिवहन मंत्री का यह निर्णय अपने आप में एक बड़ा निर्णय माना जा रहा है और कांग्रेस ने जिस तरह से इस मुद्दे को उठाया था अब लगता है उसका पटाक्षेप हो जाएगा।

Atul Saxena
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पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
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