तो क्या अब पुलिस विभाग में नहीं चलेगी राजनैतिक सिफारिश..

तो क्या अब पुलिस विभाग में नहीं चलेगी राजनैतिक सिफारिश..

भोपाल।

लॉकडाउन(lockdown) के बीच पुलिस विभाग(police department) अब एक बड़ा फैसला लेने जा रही है। जिसके बाद पुलिस महकमें में नेताओं की सिफारिश पर रोक लग जायेगा। पुलिस विभाग ने इसके लिए पत्र जारी कर एक गाइडलाइन तैयार की है। जिसमें ये साफ़ किया गया है कि मध्यप्रदेश में पुलिस विभाग की ट्रांसफर(transfer), पोस्टिंग(posting) सहित दूसरे कामकाज में अब राजनीतिक दखल नहीं चलेगी और इसके बावजूद कोई अगर राजनितिक प्रभाव से काम कराने की कोशिश करेगा तो उसके खिलाफ नियमों के तहत कार्रवाई(action) की जाएगी।

दरअसल शनिवार को पुलिस मुख्यालय(police headquarter) ने अपने सभी विभागों और इकाइयों को पत्र लिखा है पत्र में पुलिस विभाग के अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि काम में अब राजनेताओं की सिफारिश नहीं चलेगी।पुलिस विभाग के अपने सर्विस रूल्स(service rules) हैं। जिसके तहत ही अब पुलिस अधिकारियों को कार्य करना होगा अगर किसी भी तरह की पोस्टिंग, ट्रांसफर, डिपार्टमेंटल जांच(Departmental inquiry) या प्रमोशन(promotion) के लिए किसी की सिफारिश लगती है तो पुलिस अदिकारी पर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। पत्र में ये भी साफ़ किया गया है कि पुलिस विभाग के किसी व्यक्ति को कोई तकलीफ या परेशानी है तो वो सीधे अपने वरिष्ठ अधिकारियों से संपर्क कर सकता है। एप्लीकेशन दे सकता है या फिर सर्विस रूल्स में जो प्रोसिजर है उसके तहत अपनी बात रख सकता है।

बता दें कि पुलिस विभाग के सर्विस रूल्स के मुताबिक राजनैतिक हस्तक्षेप या दूसरे किसी तरीके का असर अपने कामों में पुलिसकर्मी कराते हैं तो उनके खिलाफ कार्रवाई का नियम है जिसके लिए आरोप सिद्ध होने के बाद उस पुलिस के खिलाफ पुलिस मुख्यालय और तमाम वरिष्ठ अधिकारी कार्रवाई कर सकते हैं। इस गाइडलाइन के बाद ये तो स्पष्ट है कि पुलिस महकमा अपने कार्यों में राजनैतिक हस्तछेप नहीं चाहता है।

Gaurav Sharma
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निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
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