LIVE Sunday Special: कोरोना काल मे मानसिक अवसाद से कैसे निपटे, डॉ. राहुल शर्मा

LIVE Sunday Special: कोरोना काल मे मानसिक अवसाद से कैसे निपटे, डॉ. राहुल शर्मा

भोपाल, डेस्क रिपोर्ट

एक तरफ जहां भविष्य कोरोना संक्रमण से ग्रसित है। वही लॉकडाउन और फैलते संक्रमण के बीच घर में रहने के बाद आज के लोग एक मानसिक अवसाद की गति में चले गए हैं। एक तरफ जहां उनकी मानसिक स्थिति पर गहरा प्रभाव पड़ रहा है। वहीं दूसरी तरफ लोग एक दूसरे से कटते भी जा रहे हैं। कोरोना काल और मानसिक अवसाद की इसी विषय पर आज शाम 5:00 बजे हमारे पेज एमपी ब्रेकिंग न्यूज़ पर जुड़ेंगे क्लिनिकल साइकोलॉजिस्ट डॉक्टर राहुल शर्मा।

“कोरोना काल और मानसिक अवसाद” इस विषय पर रविवार 16 अगस्त 2020 को शाम 5.00 बजे हमारे साथ जुड़ेंगे क्लिनिकल साइकोलॉजिस्ट डॉक्टर राहुल शर्मा। www.mpbreakingnews.in के फेसबुक पेज पर आप इनसे लाइव सवाल कर सकते हैं और परामर्श भी ले सकते हैं।

बता दें कि भोपाल के जेपी हॉस्पिटल में क्लिनिकल साइकोलॉजिस्ट रहे डॉ. राहुल शर्मा राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत मानसिक स्वास्थ्य केन्द्र सीहोर के अलावा हफ्ते में कुछ दिन हमीदिया अस्पताल में भी सेवा देते थे।

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निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
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