प्रतिबंध के बाद भी हो रहा चंबल की रेत का इस्तेमाल, कांग्रेस विधायक ने जताई आपत्ति

प्रतिबंध के बाद भी हो रहा चंबल की रेत का इस्तेमाल, कांग्रेस विधायक ने जताई आपत्ति

ग्वालियर, अतुल सक्सेना। ग्वालियर में निर्माणाधीन 1000 बिस्तर के अस्पताल के निर्माण में हो रही अनियमितता की शिकायत कांग्रेस विधायक ने संभाग आयुक्त से की है। विधायक ने लिखे पत्र में कहा है कि 1000 बिस्तर का निर्माण डिजाइन के विपरीत हो रहा है साथ ही इसके निर्माण में प्रतिबंध के बाद भी चंबल की रेत (Chambal Sand)का इस्तेमाल किया जा रहा है।

ग्वालियर पूर्व विधानसभा के कांग्रेस विधायक डॉ सतीश सिंह सिकरवार (Dr Satish Singh Sikarwar) ने ग्वालियर संभाग के आयुक्त आशीष सक्सेना (Ashish Saxena) को एक पत्र लिखकर शिकायत की है कि ग्वालियर में बन रहे 1000 बिस्तर के इस्तेमाल में भारी अनियमितता की जा रही है । अस्पताल का निर्माण मंजूर नक्शे के हिसाब से नहीं किया जा रहा। इसके अलावा अस्पताल के निर्माण में जो रेत इस्तेमाल की जा रही है वो चंबल की रेत (Chambal Sand) है जिसके उत्खनन और परिवहन पर शासन द्वारा पहले से ही रोक लगी हुई है। विधायक ने पत्र में संभाग आयुक्त को लिखा कि आप वर्तमान में ग्वालियर के साथ साथ चंबल संभाग के भी आयुक्त हैं इसलिए आपके द्वारा कार्रवाई सहज रूप से की जा सकती है। कांग्रेस विधायक डॉ सतीश सिंह सिकरवार ने कहा कि आप अपने स्तर से भी जांच करवाकर इसपर अतिशीघ्र कार्रवाई करें और मुझे अवगत करायें।

एमपी ब्रेकिंग न्यूज़ (Mp breaking news) से बात करते हुए कांग्रेस विधायक डॉ सतीश सिंह सिकरवार (Dr Satish Singh Sikarwar) ने कहा कि अस्पताल का निर्माण करने वाली एजेन्सी प्रतिबंधित चंबल अभ्यारण्य से रेत का परिवहन कर रही है। यहाँ रात को रेत की गाड़ियां खाली होती है जो गैर कानूनी है मैंने कार्रवाई के लिये संभाग आयुक्त को पत्र लिखा है यदि कार्रवाई नहीं होती है तो इस मामले को विधानसभा में उठाऊँगा। लेकिन ग्वालियर में बन रहे 1000 बिस्तर के निर्माण में अनियमितता नहीं होने दूंगा।

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पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
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