फिर पास पास आये सिंधिया, कमलनाथ और दिग्विजय, ये है पूरा मामला

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भोपाल, डेस्क रिपोर्ट। पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं राज्यसभा सदस्य ज्योतिरादित्य सिंधिया (Jyotiraditya Scindia) को शिवराज सरकार ने सरकारी बँगला अलॉट कर दिया है। सरकार ने श्यामला हिल्स का बँगला नंबर B – 5 ज्योतिरादित्य सिंधिया (Jyotiraditya Scindia) को अलॉट कर दिया है।  खास बात ये है कि यहीं पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ (Ex CM Kamalnath), दिग्विजय सिंह (Ex CM Digvijay Singh) और उमा भारती(Ex CM Uma Bharti) के भी बंगले हैं। बंगले का रिनोवेशन तेज हो गया है, ज्योतिरादित्य सिंधिया (Jyotiraditya Scindia) जल्दी ही इसमें शिफ्ट होंगे।

आख़िरकार ज्योतिरादित्य सिंधिया (Jyotiraditya Scindia)  की भोपाल में बंगले की चाहत पूरी हो गई। राज्य शासन ने उन्हें भोपाल की खूबसूरत श्यामला हिल्स के बड़े बंगले में से एक B – 5 अलॉट कर दिया है। अलॉटमेंट के बाद  बंगले में रिनोवेशन तेज हो गया है। पहले ये बँगला पूर्व मंत्री सुरेंद्र सिंह बघेल के पास था। खास बात ये है कि ज्योतिरादित्य सिंधिया (Jyotiraditya Scindia) के एक तरफ पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह का बँगला है और दूसरी तरफ पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती का बँगला है जबकि पास में ही पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ का बँगला है। इसतरह ज्योतिरादित्य सिंधिया, कमलनाथ और दिग्विजय सिंह के पड़ोसी बन गए हैं।

कांग्रेस सरकार ने नहीं दिया था बँगला 

2018 में कांग्रेस की सरकार बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले ज्योतिरादित्य सिंधिया (Jyotiraditya Scindia) को कमलनाथ सरकार ने बँगला आवंटित नहीं किया था। बताया  जाता है कि ज्योतिरादित्य सिंधिया ने तब चार  इमली क्षेत्र में बँगला चाहा था लेकिन तत्कालीन मुख्यमंत्री कमलनाथ के रूचि नहीं लेने से सिंधिया को बँगला नहीं मिला था।  बता दें कि श्यामला हिल्स पर शिवराज सरकार ने ज्योतिरादित्य सिंधिया (Jyotiraditya Scindia) को जो  बांग्ला अलॉट किया है वो  भोपाल के सबसे बड़े बंगलों में से एक है। बड़ी बात ये है कि शिमला हिल्स के ये बंगले पूर्व मुख्यमंत्री और कैबिनेट स्तर के मंत्रियों को अलॉट किये जाते हैं।

Atul Saxena
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पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
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