भोपाल का धारावी बन रहा यह क्षेत्र, अब तक मिले 17 कोरोना पॉजिटिव

भोपाल का धारावी बन रहा यह क्षेत्र, अब तक मिले 17 कोरोना पॉजिटिव

Coronavirus economic impact concept image

भोपाल ।

भोपाल(bhopal) में जहांगीराबाद(jahangirabad) और मंगलवारा(mangalwara) के बाद अब एक नया हॉटस्पॉट(hotspot) सामने आ रहा है। दरअसल भोपाल के बाणगंगा क्षेत्र में कोरोनावायरस(coronavirus) के मरीज मिले हैं। जिनमें अकेले शनिवार को 11 पॉजिटिव(positive) मरीजों की पहचान हुई है। दरअसल इस क्षेत्र में संक्रमण फैलने का मुख्य कारण एक घर से दूसरे घर में पानी भरना बताया जा रहा है और पानी भरने के लिए जो मरीज जिस मकान में जाते थे। उनके पूर्ण संख्या में मरीज मिले जिसके बाद इस बात की पुष्टि हुई।

लोगों की जांच शुरू हुई क्षेत्र करीब 3 मिनट किलोमीटर के एरिया में फैला हुआ है और इस पूरे इलाके में पॉलिटेक्निक(Polytechnic) चौराहे हिंदी भवन के सामने से होते हुए 12 दफ्तर जनेश्वर मंदिर दशहरा मैदान पलाश होटल(hotel) और 43 बंगले के सामने तक की संख्या पहुंचती है। इस पूरे क्षेत्र में हजारों की संख्या में जोगिया बसी हुई है और कई लोगों ने छोटे से बड़े मकान ही बना लिए हैं। यहां बहुत छोटी-छोटी गलियां हैं और इसीलिए ऐसे संक्रमित क्षेत्र में पूर्व नागपुर(nagpur) करना प्रशासन(administration) के लिए बड़ी चुनौती बन सकता है। इसी के साथ अब तक भोपाल में मरीजों की संख्या अब 1552 हो गई है और कुल मिलाकर 56 मौतें इसके चलते हो चुकी है। हालांकि कई लोग ठीक होकर घर भी जा चुके हैं जो एक राहत भरी खबर है।

Gaurav Sharma
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निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
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