राज्यसभा चुनाव की वोटिंग से पहले वायरल हुआ सिंधिया का ये वीडियो

राज्यसभा चुनाव की वोटिंग से पहले वायरल हुआ सिंधिया का ये वीडियो

भोपाल। एमपी में महिनों पहले उठा सियासी संग्राम कोरोना संकटकाल में भी जारी है। उपचुनावों से पहले जुबानी हमलों के साथ सोशल मीडिया पर वीडियो-ऑडियो वार जमकर चल रहा है। आए दिन नए नए वीडियो वायरल हो रहे है और मीडिया मे सुर्खियां बटोर रहे है। खास बात ये है ये सारे वीडियो कमलनाथ सरकार का पतन कर बीजेपी मे शामिल हुए पूर्व केन्द्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया और उनके समर्थकों पर आधारित है।

वीडियो में फिल्म ‘मर्णिकणिका’ के एक हिस्से को एडिट किया गया है, जिसमें सत्ता हासिल करने का जिक्र किया गया है ।इसमें सोनिया गांधी रानी लक्ष्मीबाई और सिंधिया को गद्दार करार दिया गया है। वीडियो में सिंधिया  को सोनिया के समाने बेबस होते दिखाया गया है। करीब एक मिनिट के इस वीडियो में सोनिया उन्हें राजद्रोही और गद्दार कहती हुई नजर आ रही है। पूरे वीडियो में कहा गया है कि याद रखना जनता कभी माफ नहीं करेगी।वीडियो के माध्यम से इतिहास के पुराने पन्नों को खोलने की कोशिश की गई है।इतना ही नही वीडियो के अंत में ग्वालियर चंबल की 16 सीटों पर जीत हासिल कर कमलनाथ की फिर से एमपी के मुख्यमंत्री के रुप में ताजपोशी को दिखाया गया है।खास बात ये है कि ये वीडियो ऐसे समय में वायरल हो रहा है जब राज्यसभा चुनाव की वोटिंग होनी है और 18 जून यानि कल रानी लक्ष्मी बाई की पुण्यतिथी थी।सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे इस वीडियो से एक बार फिर सियासी गलियारों में खलबली मचा दी है, देखना होगा कि सिंधिया या बीजेपी की तरफ से अब इसका क्या जवाब आता है।

Gaurav Sharma
लेखक के बारे में
Gaurav Sharma

निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
Follow Us :GoogleNews